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रीवा के रतहरा-चोरहटा मार्ग पर KCC कंपनी के निर्माण की खुली पोल: नाली धंसी, कंक्रीट टूटी करोड़ों के प्रोजेक्ट पर उठे गंभीर सवाल

रीवा। जिले में रतहरा से चोरहटा तक बन रही सड़क परियोजना अब शुरू होने से पहले ही विवादों में घिरती नजर आ रही है। निर्माण कार्य कर रही KCC कंपनी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि उसने नाली और सड़क निर्माण में भारी लापरवाही बरती है जिसके चलते अब गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है। मौके से सामने आई तस्वीरें स्थिति की गंभीरता को साफ बयां कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि कंपनी ने पहले पानी निकासी के लिए कंक्रीट नाली का निर्माण किया और उसके बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया। लेकिन नाली का हाल देखकर साफ लग रहा है कि इसमें गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। कई जगहों पर नाली की छत पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और अंदर की मिट्टी भरकर पूरी संरचना को कमजोर बना चुकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली इतनी कमजोर बनाई गई है कि यदि कोई व्यक्ति उसके ऊपर चल जाए तो कंक्रीट तुरंत धंस जाती है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि नाली के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह टूटकर गिर चुका है और अंदर बड़े-बड़े कंक्रीट के टुकड़े बिखरे पड़े हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है।

सिर्फ नाली ही नहीं बल्कि सड़क निर्माण कार्य में भी कई तरह की खामियां सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर सड़क की लेयर कमजोर दिखाई दे रही है और हल्के दबाव में ही दरारें उभरने लगी हैं। लोगों को आशंका है कि यदि इसी तरह काम चलता रहा तो यह सड़क ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी और जल्द ही जर्जर हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी के अंदर ही गड़बड़ियों का खेल चल रहा है। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मिक्सचर प्लांट में भी मानकों से खिलवाड़ किया जाता है। जब अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं तब गुणवत्ता के अनुसार सामग्री तैयार की जाती है लेकिन जैसे ही अधिकारी वहां से जाते हैं वैसे ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाता है।

इस पूरे मामले ने निर्माण एजेंसी के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह परियोजना आम जनता के लिए खतरा बन सकती है और करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।

स्थानीय ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि जनता के पैसे से बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

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