मीडिया ऑडीटर की खबर का बड़ा असर : जवा थाना कांड में आखिरकार दर्ज हुई FIR,गैस एजेंसी विवाद से शुरू हुआ मामला बना जनआक्रोश, सैकड़ों लोगों ने किया थाने का घेराव

रीवा जिले के जवा थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी विवाद के बाद युवक के साथ कथित मारपीट और पुलिसिया ज्यादती का मामला अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। मीडिया ऑडीटर द्वारा खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और मामले में FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई। घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया जहां सैकड़ों ग्रामीणों और किसानों ने जवा थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूरा मामला ग्राम पथरौड़ा निवासी विपिन सिंह पिता शिवेंद्र सिंह से जुड़ा हुआ है। फरियादी के अनुसार 27 मई को वह अपनी मां के साथ जवा स्थित गैस एजेंसी गैस लेने पहुंचे थे। उनकी मां महिलाओं की लाइन में खड़ी थीं और विपिन केवल OTP बताने के लिए अंदर गया था। इसी दौरान उसने देखा कि महिलाओं की कतार में कुछ युवक भी खड़े हैं जिससे महिलाओं को परेशानी हो रही थी। विपिन सिंह ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से युवकों को पीछे करने और व्यवस्था बनवाने की बात कही लेकिन आरोप है कि पुलिस ने व्यवस्था संभालने के बजाय युवक को ही निशाना बना लिया।
पीड़ित युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मी गाली-गलौज करते हुए उसे जबरन डायल-112 वाहन में बैठाकर जवा थाने ले गए। शिकायत में कहा गया है कि थाने के अंदर एक कमरे में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। फरियादी द्वारा दिए गए आवेदन और दस्तावेजों में आरोप लगाया गया है कि डायल-112 वाहन चालक बृजेश मिश्रा सहित अन्य लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और लगातार गंदी-गंदी गालियां दीं। युवक के अनुसार मारपीट इतनी ज्यादा हुई कि उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ा जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।
मामले से जुड़े आवेदन और शिकायत पत्र सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। दस्तावेजों में धीरज त्रिपाठी, संपूर्ण तिवारी और मनीष तिवारी के नामों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों और किसान संगठनों में भारी नाराजगी फैल गई। राम गरीब बनवासी, नागेंद्र सिंह और किसान नेता एस.के. सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग जवा थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गरीब किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के साथ पुलिस द्वारा लगातार अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि यदि मीडिया इस मामले को प्रमुखता से नहीं उठाता तो शायद पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता।
थाने के बाहर घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। बढ़ते दबाव और जनआक्रोश के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन को मामला दर्ज करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने धारा 0125/26, 296(B), 115(2), 3(5) बीएनएस 2023 के तहत FIR दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है। FIR दर्ज होने के बाद भी क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि केवल मामला दर्ज कर देना काफी नहीं है, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
फिलहाल पूरे मामले पर अब सभी की नजरें पुलिस विवेचना और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। क्षेत्रीय लोगों और किसान संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मामले में लीपापोती करने की कोशिश हुई तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।





