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E20 पेट्रोल पर बड़ा खुलासा! सर्वे में 10 में से 6 वाहन मालिकों ने बताई माइलेज घटने की शिकायत

देशभर में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लागू किए जाने के बाद इसके प्रभाव को लेकर बहस जारी है। इसी बीच LocalCircles की एक नई सर्वे रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 10 में से 6 वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद अपनी गाड़ियों के माइलेज में 10% से अधिक गिरावट महसूस की है। यह सर्वे विशेष रूप से 2023 से पहले और 2023-24 के दौरान खरीदी गई गाड़ियों के मालिकों के अनुभवों पर आधारित है।

नई गाड़ियों के मालिकों ने भी जताई चिंता

सर्वे के अनुसार, माइलेज में कमी की शिकायत केवल पुरानी गाड़ियों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2023-24 में खरीदी गई नई गाड़ियों के लगभग 59% मालिकों ने भी 10% से अधिक माइलेज कम होने की बात कही। कुछ प्रतिभागियों ने तो 20% तक गिरावट महसूस होने का भी दावा किया। यह सर्वे प्रतिभागियों के अनुभवों पर आधारित है और इसे स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

CNG वाहनों और ईंधन गुणवत्ता पर भी सवाल

सर्वे में कुछ CNG वाहन मालिकों ने भी शिकायत की कि पेट्रोल मोड पर चलने या स्टार्टिंग के दौरान औसत माइलेज प्रभावित हो रहा है। LocalCircles ने यह भी आशंका जताई कि कुछ स्थानों पर ईंधन की गुणवत्ता या निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल मिश्रण (ओवर-ब्लेंडिंग) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रिपोर्ट में इस संभावना का उल्लेख किया गया है, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सरकार का क्या कहना है?

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता (Calorific Value) पेट्रोल से कम होने के कारण माइलेज में सामान्यतः 3% से 5% तक की कमी आ सकती है। हालांकि उन्होंने E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान पहुंचने के दावों को खारिज किया है। सरकार ने ईंधन गुणवत्ता और ब्लेंडिंग मानकों के पालन को लेकर राज्यों को निगरानी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

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