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शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 364 अंक टूटा; अमेरिका-ईरान तनाव से निवेशक चिंतित

भारतीय शेयर बाजार ने आज कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर दुनिया भर के बाजारों में देखने को मिला। इसी वजह से घरेलू बाजार में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए।

सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 364 अंक गिरकर 77,816 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 139 अंक की गिरावट के साथ 24,259 पर कारोबार शुरू करता दिखाई दिया। शुरुआती सत्र में बाजार में बिकवाली का दबाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

आईटी शेयरों ने दिखाई मजबूती

कमजोर बाजार के बावजूद Infosys और TCS जैसे आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये शुरुआती कारोबार में प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर Trent Ltd लगभग 12.44% की बड़ी गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। इसके अलावा Adani Enterprises, Reliance Industries और Adani Ports के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान का Nikkei 225 करीब 0.90% और दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 0.72% नीचे कारोबार करता दिखा। Hang Seng Index में 0.51% और Shanghai Composite में करीब 1.26% की गिरावट दर्ज की गई। इन संकेतों ने भारतीय बाजार की धारणा को भी प्रभावित किया।

वॉल स्ट्रीट से मिले कमजोर संकेत

अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। Dow Jones में 0.25%, S&P 500 में 0.45% और Nasdaq Composite में 1.16% की गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों में बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

कच्चे तेल और डॉलर में तेजी

मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। Brent Crude लगभग 2.16% बढ़कर 76.04 डॉलर प्रति बैरल और WTI Crude 2.31% चढ़कर 72.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं, US Dollar Index (DXY) मामूली बढ़त के साथ 100.89 पर पहुंच गया।

भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों की कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को अस्थिर माहौल में सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लेने चाहिए।

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