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एमडी ड्रग्स पर एसपी की बड़ी कार्रवाई से उठे सवाल: अभियान चलते रहे, फिर भी कैसे फैलता गया नशे का नेटवर्क?

मीडिया ऑडीटर | रीवा जिले में पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह के नेतृत्व में एमडी ड्रग्स के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई ने एक ओर पुलिस की सक्रियता को सामने रखा है वहीं दूसरी ओर वर्षों से चल रहे नशा विरोधी अभियानों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद करने का दावा किया है जिसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

रीवा में समय-समय पर प्रहार प्रहार 2.0 और आप की पुलिस आपके द्वार जैसे अभियान चलाए गए। इन अभियानों का उद्देश्य जनता से संवाद बढ़ाना और अपराध व नशे पर अंकुश लगाना था। इसके बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में कोरेक्स, गांजा तथा अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहीं।

ताजा कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि रीवा और मऊगंज तक फैला इतना बड़ा एमडी ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय था तो यह लंबे समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से कैसे बचा रहा। क्या यह कारोबार पहले से संचालित हो रहा था और उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी या फिर हाल के समय में यह नेटवर्क तेजी से फैल गया? यह अब जांच का विषय बन गया है।

पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह स्वयं देर रात दबिश देने पहुंचे और पुलिस टीम ने संगठित नेटवर्क के संकेत मिलने की बात कही है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि जांच केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सप्लायर, वितरण श्रृंखला और इससे जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचेगी।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नशे का नेटवर्क अचानक खड़ा नहीं होता। इसके पीछे लंबे समय से सक्रिय सप्लाई चेन बाहरी कनेक्शन और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले तंत्र की भूमिका भी हो सकती है। कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि नशा विरोधी अभियान लगातार चल रहे थे, तो अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति किन रास्तों से जारी रही।

रीवा संभाग में नए पुलिस अधिकारियों की तैनाती के शुरुआती दौर में कफ सिरप (कोरेक्स) की अवैध बिक्री पर कुछ हद तक रोक देखने को मिली थी लेकिन समय बीतने के साथ कई इलाकों में इसकी खुलेआम बिक्री की शिकायतें फिर सामने आने लगीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में दिन और रात दोनों समय नशीले पदार्थों की उपलब्धता बनी हुई है जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

इसी बीच एमडी ड्रग्स की बरामदगी ने यह आशंका भी बढ़ा दी है कि अब नशे के कारोबार में और अधिक खतरनाक पदार्थों की पैठ बनाई जा रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

शहर के कबाड़ी मोहल्ला क्षेत्र का नाम भी एक बार फिर चर्चाओं में है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस इलाके में पूर्व में भी वरिष्ठ अधिकारियों का भ्रमण हो चुका है लेकिन इसके बावजूद यहां कथित रूप से नशीले पदार्थों के कारोबार की शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है और इनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक मानी जा रही है।

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