राष्ट्रीय

दिल्ली एयरपोर्ट पर आगा हसन मुसावी को रोका गया, पासपोर्ट भी किया गया जब्त

कश्मीर के प्रमुख शिया धर्मगुरु आगा सैयद हसन मुसावी को ईरान जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोके जाने का दावा सामने आया है। यह दावा उनके बेटे और पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी ने किया है। उनके अनुसार, मुसावी तेहरान में आयोजित होने वाले ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित थे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी गई।

बेटे ने लगाए गंभीर आरोप

पीडीपी विधायक आगा मुंतजिर मेहदी का दावा है कि नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पिता को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कुछ शर्तें रखीं, जिनमें भारत की आधिकारिक नीति के खिलाफ बयान न देने और कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी न करने की बात कही गई।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘सिर्फ जनाजे में शामिल होने जा रहे थे’

आगा मुंतजिर मेहदी के मुताबिक, उनके पिता ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान जा रहे हैं और वहां कोई सार्वजनिक भाषण नहीं देंगे। इसके बावजूद उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया।

पासपोर्ट जब्त होने का दावा

परिवार के अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारियों ने पासपोर्ट जब्त कर उसे आगे की कार्रवाई के लिए श्रीनगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) भेज दिया। दावा किया गया है कि इस संबंध में एक सीजर मेमो भी जारी किया गया है।

हालांकि, पासपोर्ट जब्त किए जाने के कारणों को लेकर अभी तक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कौन हैं आगा सैयद हसन मुसावी?

आगा सैयद हसन मुसावी जम्मू-कश्मीर के प्रमुख शिया धर्मगुरुओं में गिने जाते हैं। जानकारी के अनुसार, उन्हें ईरान की ओर से अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। आमंत्रित लोगों में सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी, शिया नेता इमरान अंसारी, सैयद हादी और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी नाम शामिल बताया गया है।

बताया जा रहा है कि ईरान ने भारतीय मेहमानों के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की थी। दावों के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती और इमरान अंसारी को यात्रा की अनुमति मिल गई, जबकि सैयद हादी ने अभी तक यात्रा नहीं की है।

आधिकारिक स्थिति का इंतजार

पूरा मामला फिलहाल दावों और आरोपों के आधार पर सामने आया है। इमिग्रेशन ब्यूरो, विदेश मंत्रालय या अन्य संबंधित एजेंसियों की ओर से इस घटना पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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