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Google Maps पर दिखती भीड़ का राज क्या है, जानिए Location History और Live Activity से कैसे तैयार होती जानकारी

आपने Google Maps पर कभी देखा होगा कि किसी रेस्टोरेंट या दुकान में अभी कितनी भीड़ है। लेकिन सवाल है कि Google बिना किसी से पूछे यह कैसे जानता है? इसके पीछे लोकेशन डेटा, पुराने विजिट पैटर्न और रियल-टाइम एक्टिविटी का बड़ा सिस्टम काम करता है।

Google Maps भीड़ का अंदाजा कैसे लगाता है?

Google Maps पर किसी दुकान, रेस्टोरेंट या दूसरी जगह की भीड़ की जानकारी अचानक दिखाई नहीं देती। इसके पीछे Google के पास उपलब्ध aggregated और anonymized location data काम करता है। Google के मुताबिक, Popular Times और Live Busyness जैसी जानकारी उन यूजर्स के डेटा से तैयार होती है जिन्होंने Location History/Timeline जैसी लोकेशन सुविधा को इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

आसान भाषा में समझें तो किसी जगह पर अलग-अलग समय में कितनी विजिट होती हैं, इसके पैटर्न को देखकर सिस्टम अंदाजा लगाता है कि वह जगह सामान्य तौर पर कब ज्यादा व्यस्त रहती है।

क्या है Popular Times फीचर?

Google Maps का Popular Times फीचर बताता है कि किसी जगह पर सप्ताह के अलग-अलग दिनों और घंटों में आमतौर पर कितनी व्यस्तता रहती है।

यह किसी एक दिन के आंकड़े पर आधारित नहीं होता। Google पिछले कुछ महीनों के औसत विजिट पैटर्न का इस्तेमाल कर यह अनुमान तैयार करता है। इसी वजह से आप देख सकते हैं कि कोई रेस्टोरेंट शनिवार शाम को सामान्य से ज्यादा व्यस्त रहता है या किसी स्टोर में दोपहर के समय कम भीड़ होती है।

Live Busyness से पता चलता है अभी कितना व्यस्त है

Popular Times सामान्य पैटर्न बताता है, जबकि Live Busyness मौजूदा समय की गतिविधि की तुलना उस जगह के सामान्य स्तर से करता है।

मान लीजिए कोई दुकान आमतौर पर मंगलवार शाम को ज्यादा व्यस्त नहीं रहती, लेकिन किसी ऑफर या विशेष कार्यक्रम के कारण अचानक वहां ज्यादा लोग पहुंच जाते हैं। ऐसी स्थिति में Maps उपलब्ध रियल-टाइम डेटा के आधार पर जगह को सामान्य से ज्यादा व्यस्त दिखा सकता है।

Google सिर्फ फोन की गिनती नहीं करता

यह समझना जरूरी है कि Maps स्क्रीन पर दिखाई गई भीड़ किसी जगह मौजूद लोगों की सटीक संख्या नहीं होती। Google खुद भी इसे एक relative busyness estimate के तौर पर पेश करता है।

यानी किसी जगह के सामान्य विजिट पैटर्न और मौजूदा गतिविधि की तुलना करके अनुमान लगाया जाता है। पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं होने पर Google यह जानकारी दिखाता ही नहीं।

क्या इससे प्राइवेसी को खतरा है?

यही सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में आता है। Google के मुताबिक, Popular Times और Busyness के लिए इस्तेमाल होने वाला डेटा aggregated और anonymized होता है। कंपनी differential privacy जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करती है, ताकि भीड़ की जानकारी से किसी व्यक्ति की पहचान न की जा सके।

Google यह भी बताता है कि Timeline डिफॉल्ट रूप से बंद रहती है और यूजर इसे अपनी इच्छा से चालू करता है। लोकेशन डेटा से जुड़ी सेटिंग्स को Google Account के जरिए मैनेज या डिलीट किया जा सकता है।

निकलने से पहले क्यों काम आता है यह फीचर?

मान लीजिए आप किसी रेस्टोरेंट में डिनर करने जा रहे हैं। Maps पर Popular Times देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस समय वहां आमतौर पर भीड़ ज्यादा रहती है। अगर Live Busyness उपलब्ध है, तो उस समय की गतिविधि की तुलना भी देख सकते हैं।

यानी Google Maps आपके लिए लोगों की गिनती नहीं कर रहा, बल्कि उपलब्ध और गोपनीय तरीके से प्रोसेस किए गए लोकेशन संकेतों से भीड़ का अनुमान तैयार कर रहा है। यही टेक्नोलॉजी रोजमर्रा की छोटी-सी सुविधा को इतना उपयोगी बनाती है।

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