कौन हैं नौमान महमूद? मक्का डिफेंस पैक्ट के पहले सेक्रेटरी जनरल

पाकिस्तान सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत पहला सेक्रेटरी जनरल नियुक्त किया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वह रियाद में स्थापित किए जा रहे गठबंधन के जनरल सेक्रेटेरिएट का नेतृत्व करेंगे। यह नियुक्ति इस रक्षा समझौते को संस्थागत रूप देने की दिशा में अगला कदम है।
तीन देशों के बीच हुआ है रक्षा समझौता
मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर किए थे। समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, सामूहिक सुरक्षा और साझा प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करना है। इसके तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को तीनों पर हमला माना जाएगा।
31 अगस्त को इस्तांबुल में हुई पहली रणनीतिक बैठक में तीनों देशों ने गठबंधन के लिए एक स्थायी सचिवालय बनाने पर सहमति जताई थी। तय किया गया था कि शुरुआती तीन साल तक इसका नेतृत्व पाकिस्तान से नियुक्त सेक्रेटरी जनरल करेंगे।
पाकिस्तान सेना में 1987 में कमीशन
नौमान महमूद का सैन्य करियर करीब चार दशक लंबा रहा है। उन्हें 1987 में पाकिस्तान आर्मी की बलूच रेजिमेंट में कमीशन मिला था। उन्होंने कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, क्वेटा और नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी सहित सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण लिया। बाद में वह नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे और अप्रैल 2023 में सेना से रिटायर हुए।
पख्तूनख्वा से ISI तक जिम्मेदारियां
अपने सैन्य करियर के दौरान महमूद ने अलग-अलग कमांड और स्टाफ जिम्मेदारियां संभालीं। वह पाकिस्तान के पख्तूनख्वा क्षेत्र में XI कॉर्प्स के कमांडर रहे। इससे पहले वह इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी ISI में भी वरिष्ठ जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनके अनुभव में सैन्य प्रशिक्षण, ऑपरेशनल कमांड और सुरक्षा मामलों से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
2019 में बने लेफ्टिनेंट जनरल
नौमान महमूद अप्रैल 2019 में लेफ्टिनेंट जनरल बने। बाद में उन्होंने पाकिस्तान सेना के कम्युनिकेशन और आईटी से जुड़े वरिष्ठ पद पर काम किया। नवंबर 2021 में उन्हें नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी, इस्लामाबाद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अप्रैल 2023 में उन्होंने सेना से सेवानिवृत्ति ली।
अब रियाद से होगी नई भूमिका
सेक्रेटरी जनरल के तौर पर महमूद की मुख्य जिम्मेदारी गठबंधन के जनरल सेक्रेटेरिएट को संचालित करना और तीनों देशों के बीच संस्थागत समन्वय को आगे बढ़ाना होगी। अगस्त की संयुक्त घोषणा में रक्षा क्षमताओं, सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, तकनीकी विकास और संयुक्त गतिविधियों को मजबूत करने की बात कही गई थी।
मक्का पैक्ट के लिए अगला चरण
नौमान महमूद की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये समझौते को एक स्थायी संस्थागत ढांचे में बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। अब रियाद स्थित सचिवालय के जरिए इस सहयोग को किस तरह व्यावहारिक रूप दिया जाता है, यह इस गठबंधन के अगले चरण को तय करेगा।नौमान महमूद की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक पद भर नहीं है। यह मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट को संस्थागत रूप देने की प्रक्रिया का हिस्सा है। अब उनके सामने तीन देशों के बीच रक्षा सहयोग और समन्वय के लिए एक प्रभावी ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी होगी।





