ESIC में बड़ा बदलाव की तैयारी, अच्छे निजी अस्पतालों को भी मिलेगा नेटवर्क में स्थान

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के अच्छे निजी अस्पतालों को भी ESIC अस्पताल के रूप में नामित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह घोषणा उन्होंने दिल्ली में आयोजित फिक्की-एआईओई ग्लोबल इंडस्ट्रियल रिलेशंस समिट के दौरान की।
बेहतर इलाज मिलेगा बीमित कर्मचारियों को
मांडविया ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ESIC से जुड़े कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। वर्तमान व्यवस्था में यदि किसी ESIC अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होती, तो मरीज को सूचीबद्ध निजी अस्पताल भेजा जाता है और इलाज का पूरा खर्च ESIC वहन करता है। प्रस्तावित बदलाव के बाद ऐसे विकल्प और व्यापक हो सकते हैं।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था अब लगभग 101 करोड़ लोगों, यानी देश की 68.8 प्रतिशत आबादी तक पहुंच चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह दायरा और बढ़ेगा तथा अधिक से अधिक श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
उद्योग और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
मनसुख मांडविया ने कहा कि मजबूत औद्योगिक संबंधों के लिए सरकार, उद्योग जगत, नियोक्ताओं, कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों के बीच लगातार संवाद और सहयोग जरूरी है। उनके अनुसार, औद्योगीकरण रोजगार सृजन का प्रमुख आधार है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों और सहकारी मॉडल की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
EPFO में भी डिजिटल सुधार की तैयारी
मंत्री ने रोजगार क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सेवाओं को भी लगातार डिजिटल बना रही है। उन्होंने कहा कि अब क्लेम प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो रही है, एक ही UAN पर खातों का स्वत: ट्रांसफर संभव बनाया गया है और भविष्य में UPI आधारित निकासी की सुविधा पर भी विचार किया जा रहा है।
यदि अच्छे निजी अस्पतालों को ESIC नेटवर्क में शामिल किया जाता है, तो इससे करोड़ों बीमित कर्मचारियों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकती है। साथ ही, सरकार के डिजिटल सुधार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार के प्रयास श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य और रोजगार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।





