भोपाल में गूंजा अभय मिश्रा इस्तीफा दो का नारा

रीवा से पहुंचे महिला-पुरुषों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, मोर्चरी पर विधायक की टिप्पणी को लेकर जताया आक्रोश
भोपाल। रीवा के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी और शवों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने अब राजधानी भोपाल में भी सियासी गर्मी बढ़ा दी है। सोमवार को रीवा से पहुंचे महिलाओं और पुरुषों के एक समूह ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका इस्तीफा मांगा। प्रदर्शन के दौरान अभय मिश्रा के बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी और महिलाओं के शवों को लेकर विधायक द्वारा की गई टिप्पणी बेहद गंभीर और संवेदनशील है। उनका आरोप था कि एक जनप्रतिनिधि को ऐसे मामलों में बयान देने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे इसी मामले में अपना विरोध दर्ज कराने और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करने भोपाल पहुंचे हैं।
अस्पताल विवाद के बीच आया था बयान
दरअसल, रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। इसी दौरान विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल की मोर्चरी में महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म होने का गंभीर आरोप लगाया था। विधायक का बयान सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया।
हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से भी विधायक के आरोपों पर आपत्ति जताई गई है। ऐसे में मोर्चरी को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच और प्रमाण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस अपनी जीवित महिलाओं को अभय मिश्रा से बचाए
प्रदर्शनकारियों ने विधायक अभय मिश्रा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अभय मिश्रा से अपनी पार्टी की सुंदर जीवित महिलाओं को बचाए। इस टिप्पणी के जरिए प्रदर्शनकारियों ने विधायक के महिलाओं और अस्पताल से जुड़े बयान पर गंभीर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि कांग्रेस नेतृत्व को पूरे मामले का संज्ञान लेकर विधायक से जवाब मांगना चाहिए।
राजधानी पहुंचा रीवा का विवाद
अभय मिश्रा के बयान पर शुरू हुआ विवाद अब रीवा की सीमाओं से निकलकर प्रदेश कांग्रेस के दरवाजे तक पहुंच गया है। विधायक ने अपने बयान की सफाई में कहा था कि उन्होंने कुछ लोगों और डॉक्टरों से मिली जानकारी के आधार पर मामला उठाया था और वे स्वयं ऐसी किसी घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं हैं। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के शपथपत्र देने के लिए तैयार होने की बात भी कही थी। अब भोपाल में प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग ने इस विवाद को कांग्रेस के भीतर भी चर्चा का बड़ा मुद्दा बना दिया है।





