ओवैसी की 15 सितंबर की सभा पर विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया

भोपाल में असदुद्दीन ओवैसी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि विरोध किसी दूसरे राजनीतिक दल की ओर से नहीं, बल्कि एक मुस्लिम संगठन ने किया है। कमेटी ने प्रशासन से अनुमति रद्द करने की मांग करते हुए कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का मुद्दा उठाया है।
15 सितंबर को प्रस्तावित है ओवैसी का कार्यक्रम
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी का 15 सितंबर को भोपाल में कार्यक्रम प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्यक्रम भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में होना है। कार्यक्रम को लेकर अब शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है।
मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने कार्यक्रम की अनुमति पर आपत्ति जताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। कमेटी ने गृह मंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
कानून-व्यवस्था को लेकर कमेटी की चिंता
कमेटी का कहना है कि ओवैसी के पूर्व सार्वजनिक भाषणों और बयानों को लेकर कई बार विवाद की स्थितियां सामने आती रही हैं। संगठन ने दावा किया कि मौजूदा समय में गणेश उत्सव का माहौल है और ऐसे में किसी बयान से धार्मिक भावनाएं आहत होने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कमेटी ने भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का हवाला देते हुए प्रशासन से कार्यक्रम पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
टी. राजा सिंह के कार्यक्रम का दिया उदाहरण
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अपनी मांग के समर्थन में विधायक टी. राजा सिंह के कार्यक्रम का उदाहरण भी दिया है। कमेटी का तर्क है कि यदि किसी कार्यक्रम को कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के आधार पर अनुमति नहीं दी गई थी, तो ओवैसी के कार्यक्रम के मामले में भी समान मानदंड अपनाया जाना चाहिए।
संगठन ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि अलग-अलग नेताओं के कार्यक्रमों को लेकर अनुमति के नियम समान रूप से लागू किए जाएं।
अनुमति मिली तो भाषण पर नजर की मांग
कमेटी ने कार्यक्रम रद्द करने की मांग तो की ही है, लेकिन यदि प्रशासन अनुमति बरकरार रखता है तो उसने दूसरी मांग भी रखी है।
संगठन चाहता है कि कार्यक्रम में दिए जाने वाले भाषण और सार्वजनिक वक्तव्यों पर लागू कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही किसी कथित आपत्तिजनक या भड़काऊ बयान की स्थिति में तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।
UCC और मुस्लिम मुद्दों से जुड़ा अभियान
रिपोर्टों के अनुसार, ओवैसी के मध्य प्रदेश दौरे के दौरान भोपाल में बड़ी सभा प्रस्तावित है। इसे AIMIM की ओर से UCC और मुस्लिम समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चलाए जा रहे अभियान के समापन कार्यक्रम के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ऐसे में कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। AIMIM मध्य प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश करती रही है और ओवैसी की सभाओं को पार्टी के विस्तार से जोड़कर देखा जाता है।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
मुस्लिम त्योहार कमेटी के विरोध के बाद अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि 15 सितंबर के प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति बरकरार रहेगी या कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द की दलीलों के आधार पर इसमें कोई बदलाव होगा।
एक तरफ आयोजक कार्यक्रम को लेकर तैयारी कर रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोध करने वाला संगठन प्रशासन से सख्त फैसला लेने की मांग कर रहा है। अब अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है।





