बंडा जहरीली शराब कांड: 30 हजार का इनामी आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

सागर के बंडा जहरीली शराब कांड में फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कठुआ नाला के जंगल में घेराबंदी के दौरान आरोपी ने तीन गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने दो राउंड फायर किए और उसके पैर में गोली लगी।
कठुआ नाला के जंगल में छिपे होने की मिली सूचना
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर की तड़के थाना बहरोल पुलिस को सूचना मिली थी कि बंडा शराब प्रकरण में फरार आरोपी शिवांजय राजपूत कठुआ नाला के पास जंगल में छिपा हुआ है। आशंका थी कि वह धामोनी-बहरोल मुख्य मार्ग से होते हुए अपने गांव छापरी की तरफ जा सकता है।
सूचना के बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की। पुलिस अधीक्षक सागर के निर्देश पर बांदरी थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह और बहरोल थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस को देखते ही फायरिंग का दावा
पुलिस का कहना है कि सर्चिंग के दौरान टीम का सामना शिवांजय राजपूत से हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी और तीन राउंड गोली चलाई।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए दो राउंड फायर किए। पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।
कट्टा, कारतूस और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा और तीन खाली कारतूस, मोबाइल फोन तथा एक मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है। बरामद हथियार और अन्य सामान को लेकर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय शिवांजय राजपूत, पिता धर्मेंद्र राजपूत, निवासी ग्राम छापरी, थाना बंडा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह घटना के बाद से फरार था और उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शराब कांड में लगातार गिरफ्तारी
बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले रवि लखेरा को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। शिवांजय की गिरफ्तारी को इसी कार्रवाई की अगली कड़ी माना जा रहा है।
प्रशासन ने भी कसा शिकंजा
जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी जारी है। पुलिस और प्रशासन ने मुख्य आरोपियों से जुड़े कथित अतिक्रमण पर कार्रवाई की है। इसके अलावा तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
अवैध शराब से जुड़े रिसॉर्ट, ढाबों और अन्य ठिकानों की भी जांच और कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अब पुलिस की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।





