दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जाम से मिलेगी राहत! शिवमूर्ति से एंबियंस मॉल तक बनेगा 3 लेन का फ्लाईओवर

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर महिपालपुर की शिवमूर्ति से एंबियंस मॉल तक ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए तीन लेन का नया फ्लाईओवर प्रस्तावित है। NHAI की योजना में द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम की ओर जाने वाले ट्रैफिक को अलग रूट देने की तैयारी है, जिससे व्यस्त समय में जाम कम होने की उम्मीद है।
शिवमूर्ति से एंबियंस मॉल तक बनेगा नया फ्लाईओवर
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए महिपालपुर की शिवमूर्ति से एंबियंस मॉल तक तीन लेन का नया फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की गई है।
NHAI की इस योजना का उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को अलग-अलग रास्ते देना है। खासतौर पर दिल्ली, द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम की ओर से आने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित करने पर जोर है।
द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वालों का बदलेगा रूट
NHAI के एक अधिकारी के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे की टनल से निकलने वाले वाहनों को एंबियंस मॉल की तरफ जाने वाले प्रस्तावित फ्लाईओवर पर चढ़ना होगा।
खासकर द्वारका एक्सप्रेसवे से निकलकर गुरुग्राम के राजीव चौक की ओर जाने वाले वाहनों के लिए इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल प्रस्तावित है।
वहीं, दिल्ली की तरफ से मौजूदा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आने वाला ट्रैफिक पहले की तरह नीचे वाले मौजूदा मार्ग से ही आगे बढ़ेगा। इस दिशा से आने वाले वाहन प्रस्तावित फ्लाईओवर पर नहीं जा सकेंगे।
राजौकरी के पास उतरने का भी मिलेगा रास्ता
प्रस्तावित फ्लाईओवर में मौजूदा राजौकरी फ्लाईओवर के आसपास नीचे उतरने के लिए रैंप तैयार किया जाएगा।
इस रैंप के जरिए वाहन चालक एंबियंस मॉल, DLF साइबर सिटी, उद्योग विहार और DLF की तरफ जा सकेंगे। इससे फ्लाईओवर पर चल रहे वाहनों को अपने गंतव्य के हिसाब से रास्ता चुनने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महिपालपुर-एंबियंस मॉल क्यों बन गया जाम प्वाइंट?
महिपालपुर और एंबियंस मॉल के बीच दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा कई दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मिलन बिंदु बन गया है।
पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के अलावा सोनीपत, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से गुरुग्राम की तरफ जाने वाला ट्रैफिक भी बड़ी संख्या में इसी हिस्से से गुजरता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे और UER-2 के खुलने के बाद यहां वाहनों का दबाव और बढ़ा है। इसका असर खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में देखने को मिलता है।
सर्वे में भी सामने आया बढ़ते ट्रैफिक का दबाव
NHAI के सलाहकार की सर्वे रिपोर्ट में भी इस हिस्से पर बढ़ते यातायात दबाव का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बढ़ने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे की मौजूदा क्षमता पर वाहनों का दबाव बढ़ा है।
सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि शिवमूर्ति के पास हाईवे से गुजरने वाले वाहनों का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली से गुरुग्राम की दिशा में जाता है।
ऐसे में इस ट्रैफिक को अलग फ्लाईओवर के जरिए डायवर्ट करना जाम कम करने की योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
एंबियंस मॉल से साइबर सिटी तक भी राहत की उम्मीद
नए फ्लाईओवर के बनने के बाद एंबियंस मॉल से DLF साइबर सिटी की ओर जाने वाले वाहनों को सर्विस रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इस हिस्से में बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण सर्विस रोड भी प्रभावित होती है। प्रस्ताव के मुताबिक, दोनों फ्लाईओवर को एंबियंस मॉल के नजदीक आपस में जोड़ने की योजना है।
इससे द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को आगे बढ़ने के लिए अधिक व्यवस्थित मार्ग मिल सकता है।
DLF उठाएगा निर्माण का खर्च
फ्लाईओवर निर्माण की योजना GMDA की ओर से सरकार को भेजी गई है। प्रस्ताव के मुताबिक, इसके निर्माण का खर्च DLF की ओर से वहन किया जाएगा।
योजना को मंजूरी मिलने और इसके लागू होने के बाद महिपालपुर की शिवमूर्ति से एंबियंस मॉल के बीच अलग-अलग दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
जाम से राहत के लिए अलग ट्रैफिक कॉरिडोर पर जोर
दिल्ली-जयपुर हाईवे के इस हिस्से में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर की योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक को अलग-अलग दिशाओं में बांटना है।
अगर प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है तो द्वारका एक्सप्रेसवे से गुरुग्राम की तरफ जाने वाले वाहनों को अलग रास्ता मिलेगा, जबकि दिल्ली की तरफ से आने वाला ट्रैफिक मौजूदा मार्ग से आगे बढ़ेगा। इससे पीक आवर्स में ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने और जाम का दबाव कम होने की उम्मीद की जा रही है।
हालांकि, योजना का वास्तविक असर निर्माण पूरा होने और ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।





