
दिल्ली के किलोकरी गांव में आधी रात का मामूली विवाद इतना हिंसक हो गया कि मणिपुर के रिटायर्ड संगीत शिक्षक सी. विक्रम सिंह की जान चली गई। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
कूड़ा डालने निकले थे, विवाद में फंसे
रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे विक्रम सिंह अपने घर की तीसरी मंजिल से कूड़ा डालने नीचे आए थे। वहां कुछ युवक शोर कर रहे थे। विक्रम ने उन्हें शोर कम करने को कहा तो कहासुनी शुरू हो गई। कुछ देर बाद वह वापस अपने घर चले गए, लेकिन विवाद वहीं खत्म नहीं हुआ।
घर तक पीछा कर पहुंच गए हमलावर
आरोप है कि युवक विक्रम सिंह का पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शोर सुनकर उनका बेटा बाहर आया तो आरोपी वहां से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल विक्रम को बेटा अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक शांत रात अचानक परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन गई।
CCTV से खुला मामले का सुराग
घटना की सूचना मिलते ही सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू को गिरफ्तार किया है। एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।
ढाबों और डिलीवरी से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं। कुछ आरोपी सामान पहुंचाने का काम भी करते हैं। पुलिस फिलहाल घटना के पूरे क्रम, विवाद की वजह और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
मणिपुरी समुदाय में गुस्सा और चिंता
नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने विक्रम सिंह की मौत पर दुख और नाराजगी जताई है। संगठन ने उन्हें सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताते हुए घटना को संवेदनहीन हिंसा करार दिया और निष्पक्ष तथा गहन जांच की मांग की है।
मामूली विवाद का खौफनाक अंत
यह घटना सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि शहर में बढ़ती असहिष्णुता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी से शोर कम करने को कहना हिंसा की वजह नहीं बनना चाहिए। एक रिटायर्ड शिक्षक की मौत ने याद दिलाया है कि गुस्से का एक पल किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकता है। अब निगाहें पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई पर हैं।





