राष्ट्रीय

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध पांचवीं मंजिल वाली इमारतें होंगी सील

एक इमारत के मलबे में दब गई सात जिंदगियां और पीछे रह गए कई सवाल। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर बहस छेड़ दी है। अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

7 मौतों के बाद सरकार का कड़ा फैसला

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बिना मंजूरी बनी पांचवीं मंजिल वाली इमारतों को तत्काल सील करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

MCD के कई अधिकारी सस्पेंड

हादसे की गंभीरता को देखते हुए MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्रवाई होगी।

PG और आसपास की इमारतों की जांच

सत्य निकेतन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा PG में रहते हैं। ऐसे में हादसे के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सरकार ने इलाके के PG और दूसरी इमारतों की बारीकी से जांच के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

30 साल पुरानी इमारत, छात्रों में डर

हादसे में ढही इमारत करीब 30 साल पुरानी बताई जा रही है और इसका इस्तेमाल लड़कों के PG के तौर पर हो रहा था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मरम्मत कार्य के दौरान इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। आसपास रहने वाले छात्रों के बीच अब अपनी इमारतों की सुरक्षा को लेकर डर और अनिश्चितता का माहौल है।

पुलिस जांच में गैर इरादतन हत्या का केस

साउथ कैंपस थाने में बिल्डिंग मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तार भी किया गया है। राहत और बचाव अभियान हादसे के दूसरे दिन भी जारी रहा।

हादसा सिर्फ मलबा नहीं, व्यवस्था के लिए चेतावनी

सत्य निकेतन की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि पुराने भवनों, अवैध निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी कितनी गंभीरता से होती है। सात लोगों की मौत के बाद कार्रवाई जरूरी है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियम कागज से निकलकर जमीन पर दिखाई देंगे।

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