MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, 270 पन्नों की चैट बनी अहम सबूत

महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए डिजिटल सबूत सामने आ रहे हैं। क्राइम ब्रांच को आरोपी ऋतुजा पाटील और सह-आरोपी गौरव पाटील के बीच 270 पन्नों की WhatsApp चैट मिली है, जिसमें कथित पेपर लेनदेन से जुड़े अहम संकेत हैं।
270 पन्नों की WhatsApp चैट से खुलेंगे राज
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच तेज कर रही है। परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल करने वाली आरोपी ऋतुजा पाटील, उसके पिता अमृत पाटील और अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
इसी बीच जांच एजेंसी को सह-आरोपी लोकेश उर्फ गौरव पाटील के मोबाइल से ऋतुजा और उसके बीच हुई करीब 270 पन्नों की WhatsApp चैट मिलने का दावा किया गया है। क्राइम ब्रांच इस चैट को मामले की जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मान रही है।
22 मार्च की परीक्षा से पहले क्या हुआ?
जांच एजेंसी के अनुसार, चैट में 22 मार्च 2026 को हुई MPSC परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र या Question Bank की कथित लेनदेन से जुड़ी बातचीत के संकेत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि 20 मार्च की बातचीत में ऋतुजा ने Question Bank के कुछ सवालों के परीक्षा में आने की संभावना का जिक्र किया था। जांच के मुताबिक, चैट में कुछ सवाल जानबूझकर गलत हल करने की बात भी कही गई थी, ताकि किसी को संदेह न हो।
78 सवाल परीक्षा में आने का दावा
क्राइम ब्रांच के अनुसार, 22 मार्च की चैट में ऋतुजा ने कथित तौर पर दावा किया कि दिए गए प्रश्नों में से 78 सवाल परीक्षा में आए थे। इसके अलावा 13 अन्य सवाल हल करने का भी उल्लेख मिलने की बात कही जा रही है।
जांच एजेंसी के दावे के मुताबिक, इस तरह कुल 91 सवाल हल किए जाने की बात चैट में सामने आती है। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से ही होगी।
मयूर ठाकरे का भी चैट में जिक्र
जांच में सामने आई WhatsApp चैट में वांटेड आरोपी मयूर ठाकरे का नाम भी सामने आने की बात कही गई है। अब क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और उसका अन्य आरोपियों से किस तरह संपर्क था।
चैट के मुताबिक, ऋतुजा के पिता अमृत पाटील ने कथित तौर पर मयूर ठाकरे को मामले की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि परिवार के सदस्यों तक को नहीं बताने के लिए कहा था।
पेपर के लिए 5 लाख रुपये की मांग?
क्राइम ब्रांच के अनुसार, WhatsApp चैट में पेपर के बदले 5 लाख रुपये की मांग का भी उल्लेख है। रकम अगले दिन तक जुटाने को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया है।
जांच के लिहाज से एक अहम कड़ी ऋतुजा का मोबाइल फोन भी है। बताया जा रहा है कि उसका मोबाइल उल्हास नदी में फेंक दिया गया और अभी तक बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में गौरव पाटील के फोन से मिली चैट जांच के लिए और महत्वपूर्ण हो गई है।
अब पेपर लीक नेटवर्क की तलाश
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर या Question Bank कहां से आया और किन-किन लोगों के जरिए आगे पहुंचा। जांच एजेंसी मयूर ठाकरे की भूमिका के साथ-साथ अन्य संभावित आरोपियों और पैसों के लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में 270 पन्नों की WhatsApp चैट ने जांच को एक नई दिशा दी है। हालांकि चैट में सामने आए दावों की कानूनी पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन यह डिजिटल सामग्री जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।





