पवन खेड़ा और हिमंत सरमा का पुराना विवाद फिर चर्चा में, रिजिजू के जवाब से बढ़ी सियासी गर्मी

एक ट्वीट से शुरू हुई सियासी तकरार अब असम तक पहुंच गई है। राहुल गांधी, पवन खेड़ा, किरेन रिजिजू और गिरिराज सिंह के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस में हिमंत बिस्वा सरमा के बयान ने पुराने विवादों की याद भी ताजा कर दी है और राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
एक ट्वीट से शुरू हुई सियासी जंग
बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं के बीच एक्स पर चल रही जुबानी जंग ने अब नया मोड़ ले लिया है। विवाद की शुरुआत कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा के एक पोस्ट से हुई। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह पर तीखा तंज कसा।
खेड़ा ने अपने अंदाज में राहुल गांधी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि उनकी राजनीति ने बीजेपी नेताओं को परेशान कर रखा है।
रिजिजू ने दिया करारा जवाब
पवन खेड़ा के पोस्ट पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करने में देर नहीं लगाई। उन्होंने खेड़ा की टिप्पणी को अनुशासनहीन और अभद्र बताते हुए सवाल किया कि क्या वे सूट-कोट पहनकर तैरते हैं।
रिजिजू ने यह भी कहा कि पहली बार के राज्यसभा सांसद होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का अधिकार मिल जाता है। उनके जवाब के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस और तेज हो गई।
अब हिमंत बिस्वा सरमा भी मैदान में
मामला यहीं नहीं रुका। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जब इस विवाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए पुराने मामले का जिक्र कर दिया।
VIDEO | Delhi: Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma on Congress leader Pawan Khera says, "Pawan Khera had a very good conversation with the Guwahati Police. He has said whatever he had to say, both on video and audio. So, I do not want to discuss this matter much. Wherever he… pic.twitter.com/9pbZfqYcHz
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026
सरमा ने कहा कि खेड़ा की गुवाहाटी पुलिस के साथ अच्छी बातचीत हुई थी और उन्होंने जांच के दौरान जो कुछ कहना था, वह वीडियो और ऑडियो में कह दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह इस मामले पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते और खेड़ा के अच्छे की कामना करते हैं।
पुराने विवाद ने फिर खींचा ध्यान
हिमंत सरमा और पवन खेड़ा के बीच पहले से कानूनी विवाद रहा है। खेड़ा ने सरमा की पत्नी से जुड़े विदेशी पासपोर्ट और अन्य आरोपों को लेकर सवाल उठाए थे। बाद में इस मामले को लेकर असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज की थी और उन्हें गुवाहाटी पुलिस के सामने पूछताछ के लिए पेश होना पड़ा था।
इसी पुराने घटनाक्रम का संदर्भ अब राजनीतिक बयानबाजी के बीच फिर सामने आ गया है।
सोशल मीडिया बना सियासी अखाड़ा
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि भारतीय राजनीति में सोशल मीडिया किस तरह तत्काल राजनीतिक बहस का मंच बन चुका है। एक पोस्ट कुछ ही मिनटों में राष्ट्रीय मुद्दा बन जाता है और उसके जवाब में कई बड़े नेता मैदान में उतर आते हैं।
फिलहाल पवन खेड़ा, किरेन रिजिजू और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच यह विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित दिखाई देता है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने जरूर निकाले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अगर बयानबाजी और तेज होती है, तो यह मामला बीजेपी-कांग्रेस की व्यापक सियासी लड़ाई का एक और मुद्दा बन सकता है।





