कोरेक्स बरामदगी के बाद थाने के गेट पर विरोध, TI विजय सिंह ने कहा भीड़ के दबाव में नहीं चलेगी पुलिस

रीवा। सिविल लाइन थाने में कोरेक्स कफ सिरप बरामदगी को लेकर सामने आए विवाद के बीच थाना प्रभारी विजय सिंह का सख्त रुख चर्चा में है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस अपना काम कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करेगी। थाने में किसी भी तरह के भीड़ के दबाव या बाहरी दबाव के कारण पुलिस की कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इससे किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
पूरे मामले की शुरुआत पुलिस द्वारा एक आइसक्रीम ठेले से 12 शीशियां कोरेक्स कफ सिरप बरामद किए जाने के बाद हुई। पुलिस ने इस मामले में पुनीत साहू उर्फ पंकज को हिरासत में लिया है। वहीं कथित नेता बंसीलाल साहू ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी मांग को लेकर वह अपनी शिकायत लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार कार्रवाई प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। मौके से नशीली कफ सिरप बरामद होने के बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह लिखित आवेदन देकर अपनी बात रख सकता है और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी शिकायत कर सकता है।
थाने के गेट पर बैठने को लेकर TI का सख्त रुख
थाना प्रभारी विजय सिंह ने कहा कि किसी भी नागरिक या राजनीतिक कार्यकर्ता को शिकायत दर्ज कराने और अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन थाने के मुख्य गेट पर बैठकर विरोध करना या पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं है। पुलिस के मुताबिक कथित नेता बंसीलाल साहू को उनकी बात सुनने का आश्वासन दिया गया था इसके बावजूद वह थाने के गेट पर बैठ गए। TI ने साफ किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली भीड़ या किसी राजनीतिक दबाव के आधार पर तय नहीं होगी। उनका कहना है कि पुलिस को निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई करने का अवसर दिया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था प्रभावित करने या सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कथित नेता ने लगाया बदसलूकी का आरोप
दूसरी ओर कथित नेता बंसीलाल साहू ने थाना प्रभारी विजय सिंह पर बदसलूकी और अपमानित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह आरोपी के पक्ष में नहीं बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लेकर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस ने उनके आवेदन को लेकर अपेक्षित तरीके से सुनवाई करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग पुलिस के सख्त रवैये को कानून व्यवस्था के लिए जरूरी बता रहे हैं जबकि कुछ लोगों का कहना है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचे व्यक्ति के साथ पुलिस अधिकारियों को संयमित और मर्यादित व्यवहार करना चाहिए।
कानून और मर्यादा दोनों जरूरी
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद तथा विरोध के तरीके को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति है तो उसके लिए आवेदन वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत और न्यायिक प्रक्रिया जैसे कानूनी रास्ते मौजूद हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों से भी अपेक्षा रहती है कि कानून लागू करते समय भाषा व्यवहार और संवाद की मर्यादा कायम रखी जाए।फिलहाल 12 शीशियां कोरेक्स बरामदगी से शुरू हुआ विवाद थाना गेट पर विरोध और TI के सख्त रुख तक पहुंच गया है। पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई को नियमानुसार बता रही है ।





