शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन हरियाली, सेंसेक्स 200 अंक उछला, निफ्टी 24,300 के पार

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और आगामी डेरिवेटिव एक्सपायरी बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकते हैं।
हरे निशान पर खुला बाजार
24 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 से ज्यादा अंक चढ़कर 77,770 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,300 का स्तर पार किया।
पिछले दो सप्ताह की कमजोरी के बाद बाजार में यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, विशेषज्ञ अभी इसे पूरी तरह ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं मान रहे हैं।
IT और मेटल शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। Infosys, Tata Steel और Hindalco जैसे शेयरों में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया।
बाजार की व्यापक तस्वीर भी सकारात्मक रही, हालांकि कुछ सेक्टर दबाव में रहे।
कच्चा तेल सस्ता होना भारत के लिए राहत
सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी तक गिरकर 92.60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। पिछले सप्ताह तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था, इसलिए सोमवार की गिरावट भारतीय बाजार के लिए राहत भरा संकेत बनी।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में नरमी से आयात बिल और महंगाई के दबाव को लेकर उम्मीदें बेहतर हो सकती हैं।
अमेरिकी बाजारों से भी मिला सहारा
भारतीय बाजार को ग्लोबल संकेतों से भी समर्थन मिला। शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही और डॉव जोन्स, S&P 500 तथा नैस्डैक बढ़त के साथ बंद हुए। GIFT Nifty ने भी घरेलू बाजार में सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए थे।
हालांकि, एशियाई बाजारों में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। निवेशक अमेरिका की ईरान नीति और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों पर नजर बनाए हुए हैं।
ईरान तनाव और तेल पर नजर
बाजार की तेजी के बीच सबसे बड़ा जोखिम भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की उम्मीद है। ऐसे में तेल की आपूर्ति को लेकर किसी भी चिंता का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।
ब्रेंट क्रूड का 90 डॉलर से ऊपर बने रहना भारतीय बाजार के लिए अभी भी एक महत्वपूर्ण जोखिम माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
आज की तेजी के बावजूद निवेशकों को जल्दबाजी में आक्रामक खरीदारी से बचने की जरूरत है। बाजार पिछले दो सप्ताह में गिरावट देख चुका है और तकनीकी स्तरों पर अभी भी सावधानी जरूरी है। विशेषज्ञों की नजर निफ्टी के 24,350–24,400 क्षेत्र पर है; इसके ऊपर टिकाऊ तेजी बाजार की धारणा को मजबूत कर सकती है।
आने वाले सत्रों में कच्चा तेल, ईरान से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी निवेश और वैश्विक बॉन्ड यील्ड बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसलिए हरे निशान की यह शुरुआत उत्साह जरूर देती है, लेकिन निवेशकों के लिए अनुशासन और जोखिम प्रबंधन अभी भी सबसे महत्वपूर्ण है।





