शिवपुरी में कुएं में करंट के तार डालने का विरोध किया तो महिला को धक्का देकर गिराने का आरोप

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पानी के एक कुएं को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक महिला की जान पर बन आई। आरोप है कि कुएं में बिजली के नंगे तार डालने का विरोध करने पर पड़ोसी ने महिला को धक्का दे दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
कुएं में डाले गए थे बिजली के तार
मामला खनियाधाना थाना क्षेत्र के बामौरखुर्द गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता रामदेवी अहिरवार अपने घर के लिए पानी लेने कुएं पर पहुंची थीं। उनके पति रामेश्वर अहिरवार का आरोप है कि कुएं में पहले भी बिजली के तार डाले जाते रहे हैं। परिवार का कहना है कि यही कुआं उनके पीने के पानी का मुख्य स्रोत है।
विरोध करने पर बढ़ा विवाद
रामेश्वर के मुताबिक, उनकी पत्नी ने कुएं में नंगे बिजली के तार देखकर इसका विरोध किया। इसी दौरान पड़ोसी गोविंद कोली से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गोविंद ने रामदेवी को कुएं में धक्का दे दिया। इसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों ने बचाई महिला की जान
घटना के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह महिला को कुएं से बाहर निकाला। महिला की हालत गंभीर बताई गई और वह बेहोश हो गई थीं। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जमीन और कुएं को लेकर पुराना विवाद
रामेश्वर अहिरवार ने पड़ोसी पर कुएं पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार की पुरानी जमीन ‘उर परियोजना’ के तहत डूब क्षेत्र में चली गई थी। करीब दो साल पहले उन्होंने बामौरखुर्द में जमीन खरीदकर रहना शुरू किया था। उसी जमीन पर मौजूद कुआं परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
पीड़िता की शिकायत और बयानों के आधार पर खनियाधाना थाना पुलिस ने आरोपी गोविंद कोली के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। फिलहाल पूरे विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पानी के लिए जिंदगी दांव पर
गांवों में पानी के स्रोत को लेकर विवाद कभी-कभी बेहद गंभीर रूप ले लेते हैं। लेकिन किसी कुएं में बिजली का तार डालना और विरोध करने पर महिला को कथित तौर पर कुएं में धकेल देना बेहद चिंताजनक है। अब पुलिस जांच के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई और पीड़िता के आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।





