शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ा खुलासा, सोशल मीडिया से युवाओं की भर्ती और सीमा पार से आतंकी साजिश

जालंधर के एक घर पर ग्रेनेड हमले से शुरू हुई जांच अब सीमा पार बैठे कथित हैंडलर और भारत में फैले नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। NIA की कार्रवाई और 253 लोगों की हिरासत ने इस पूरे मॉड्यूल को फिर चर्चा में ला दिया है।
जालंधर के हमले से खुली बड़ी कड़ी
16 मार्च 2025 को जालंधर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमला हुआ था। जांच आगे बढ़ने पर पाकिस्तान में बैठे शाहजाद भट्टी का नाम सामने आया और मामला NIA तक पहुंचा। जून 2026 में NIA ने पंजाब और हरियाणा के नौ जिलों में 18 ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और संचार व वित्तीय रिकॉर्ड जुटाए।
छोटे हमले, बड़ा डर पैदा करने की रणनीति
जांच एजेंसियों के अनुसार, भट्टी से जुड़े मामलों में स्थानीय युवाओं का इस्तेमाल, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क और टारगेट की रेकी जैसे पैटर्न सामने आए। जालंधर के अलावा सिरसा के महिला थाने और अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन से जुड़े विस्फोटों की जांच भी इसी नेटवर्क से जोड़ी गई है।
यानी रणनीति केवल किसी एक बड़े हमले तक सीमित नहीं थी। छोटे-छोटे हमलों के जरिए डर पैदा करना और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करना जांच का अहम पहलू बना।
सोशल मीडिया बना भर्ती का नया रास्ता
इस नेटवर्क की सबसे चिंताजनक कड़ी सोशल मीडिया बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि स्थानीय युवाओं से ऑनलाइन संपर्क बनाकर उन्हें अलग-अलग कामों के लिए तैयार किया जाता था। जरूरतमंद या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं को आर्थिक लालच देकर नेटवर्क से जोड़ने की आशंका भी जांच में सामने आई है।
यह तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती इसलिए है क्योंकि संपर्क आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शुरू होकर बाद में निजी मैसेजिंग चैनलों तक पहुंच सकता है।
CCTV और रेकी से लेकर स्थानीय मदद तक
गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े स्थानीय लोगों को पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी करने तथा निगरानी के लिए CCTV लगाने जैसे काम सौंपे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई के दौरान IED, पिस्टल, कारतूस, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड और निगरानी उपकरण बरामद किए।
इससे जांचकर्ताओं को सीमा पार कनेक्शन और जमीनी नेटवर्क के बीच संबंधों की पड़ताल में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
14 राज्यों में कार्रवाई, 253 लोग हिरासत में
17 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। 80 से अधिक FIR और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज होने की जानकारी दी गई।
उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच अभी जारी है और एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल संचार तथा बचे हुए स्थानीय सहयोगियों की भूमिका खंगाल रही हैं।
असली चुनौती सीमा पार बैठे हैंडलर
भारत में बड़ी संख्या में संदिग्धों पर कार्रवाई के बावजूद जांच का सबसे कठिन हिस्सा सीमा पार मौजूद कथित हैंडलरों तक पहुंचना है। NIA ने शाहजाद भट्टी को अप्रैल 2026 में चार्जशीट कर भगोड़ा घोषित किया था और बाद की जांच में उसका नाम कई मामलों में सामने आया।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई ने नेटवर्क की जमीनी परत को बड़ा झटका जरूर दिया है। लेकिन डिजिटल दुनिया में बदलती पहचान और सीमा पार से संचालित संपर्कों के कारण खतरा पूरी तरह खत्म हुआ या नहीं, इसका जवाब आगे की जांच ही देगी।





