रीवा से त्यौंथर तक बारिश का कहर: कलेक्ट्रेट का रिकॉर्ड रूम जलमग्न, नदियां उफान पर, 30 से ज्यादा गांवों का संपर्क टूटा

रीवा। रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने रीवा जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हैं तो ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। रीवा कलेक्ट्रेट का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रूम जलमग्न हो गया, वहीं त्यौंथर क्षेत्र में टमस, बेलन और नैना नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। करीब 30 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई रास्तों पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन रोकना पड़ा है।
कलेक्ट्रेट का रिकॉर्ड रूम पानी में डूबा
लगातार बारिश के चलते कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में पानी भर गया। महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों वाले कमरे में जलभराव की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाकर पानी निकालने का काम शुरू कराया गया।
डिप्टी कलेक्टर माइकल तिर्की ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि रिकॉर्ड रूम में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित हैं और अभी तक किसी रिकॉर्ड के क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है।
बैराजों के गेट खुले, तराई क्षेत्र में बढ़ा बाढ़ का खतरा
बारिश के बीच विभिन्न बैराजों और बांधों के गेट खोले जाने से तराई क्षेत्र में पानी का दबाव और बढ़ गया है। 12 गेट और बीहर बैराज के 18 गेट खोले गए हैं। वहीं मिर्जापुर क्षेत्र के मेजा बांध के 5 तथा अदवा बांध के 3 गेट खोले जाने के बाद त्यौंथर क्षेत्र की नदियों में पानी तेजी से बढ़ा है। टमस, बेलन और नैना समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
30 से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित
तेज बहाव और जलभराव ने ग्रामीण क्षेत्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। त्यौंथर तहसील के 30 से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित होने की बात सामने आई है। कई मार्गों पर पानी भर गया है, जबकि पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन बाधित है। बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। ग्रामीणों को नदी-नालों के तेज बहाव से दूर रहने और अनावश्यक आवागमन नहीं करने की सलाह दी जा रही है।
बिहार नदी खतरे के निशान के करीब
रीवा क्षेत्र में बिहार नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के खतरे के निशान के करीब पहुंचने से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है और ग्रामीण अपने घरों तथा जरूरी सामान को सुरक्षित करने में जुटे हैं।
गुढ़ में बिछिया नदी ने बढ़ाई चिंता
गुढ़ क्षेत्र में बिछिया नदी भी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में पानी पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने की स्थिति बन गई है। प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
रीवा शहर में सड़कें बनीं तालाब
मूसलाधार बारिश ने रीवा शहर की जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। निराला नगर, नीम चौराहा, बोदाबाग, समान बांध मोहल्ला, लाखोरीबाग, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और अरुण नगर-अनंतपुर सहित कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। शिल्पी उपवन कॉलोनी में दो से तीन फीट तक पानी भरने से घरों में पानी घुस गया। वहीं बैकुंठपुर के बारो चौराहा, शक्ति चौराहा, केपी तिराहा, झंडा चौक और हनुमान तिराहा समेत कई इलाके भी पानी में डूबे नजर आए।
बारिश ने प्रशासन की परीक्षा ली
रीवा शहर से लेकर त्यौंथर के गांवों तक बारिश ने हालात चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। एक ओर कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में पानी भर गया, तो दूसरी ओर नदियों के उफान ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।





