निधि तिवारी की मौत ने खोले कई सवाल, सोनू सिंह की पहचान पर बड़ा पेच! मोरवा पुलिस की जांच पर भी उठ रहे सवाल!

पंजाब का निवासी बताया गया, आधार में धनबाद का पता; आखिरी कॉल, बंद मोबाइल और डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
सिंगरौली। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ मौत की वजह तक सीमित नहीं रहा है। घटना के बाद जांच की दिशा निधि के कथित बॉयफ्रेंड सोनू सिंह की पहचान, उसके पते, दोनों के बीच हुई आखिरी बातचीत और घटना से पहले की गतिविधियों तक पहुंच गई है। पुलिस ने निधि के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब कॉल डिटेल, चैट, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पहचान पर ही उठ गया सवाल
सोनू सिंह को परिजनों और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में पंजाब निवासी बताया गया है, लेकिन जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक उसके आधार कार्ड में धनबाद झारखंड का पता दर्ज है। दस्तावेज में कतरास रोड, मटकुरिया, धनबाद का पता बताया जा रहा है। ऐसे में जांच के सामने सीधा सवाल है कि सोनू का वास्तविक निवास कहां है और उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों में यह अंतर क्यों है? पुलिस उसके पते, पहचान और रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड की पुष्टि कर रही है।
मौत से पहले आखिरी बातचीत ने बढ़ाई जांच की अहमियत
निधि की मौत से पहले सोनू से फोन पर बातचीत होने की बात सामने आई है। इसके बाद सोनू द्वारा निधि की मां को घटना की जानकारी दिए जाने की भी रिपोर्ट है। घटना के बाद उसके मोबाइल के बंद होने और उसके ठिकाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। यही वजह है कि पुलिस के लिए आखिरी कॉल और उसके आसपास का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड अहम माना जा रहा है।
अब जांच में यह देखा जा रहा है कि आखिरी बातचीत कितनी देर हुई उसके बाद दोनों के बीच कोई संदेश या संपर्क हुआ या नहीं और घटना के समय मोबाइल की लोकेशन क्या थी। इन सवालों के जवाब डिजिटल फोरेंसिक जांच से मिलने की उम्मीद है।
मां के आरोपों से और गहराया मामला
निधि की मां ने सोनू पर लगातार नजर रखने का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से यह दावा भी किया गया है कि सोनू ब्लूटूथ के माध्यम से निधि की बातचीत सुनता था। परिजनों ने उसके शादीशुदा होने और दो बच्चों का पिता होने की बात भी कही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए पुलिस जांच में इन आरोपों की सत्यता और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का मिलान महत्वपूर्ण होगा।
पांच साल पहले बहन की मौत भी जांच के दायरे में?
निधि के परिवार से जुड़ा करीब पांच वर्ष पुराना मामला भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार उनकी बड़ी बहन की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। स्थानीय स्तर पर उस घटना को पारिवारिक तनाव से जोड़कर चर्चा की गई लेकिन वर्तमान घटना से उसका कोई संबंध है ऐसा कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पिता 17 साल से परिवार से अलग
रिपोर्टों के मुताबिक निधि के पिता अशोक तिवारी करीब 17 वर्ष पहले परिवार से अलग होकर चले गए थे और बाद में मैनपुरी में रहने लगे। परिवार की परिस्थितियों में निधि की महत्वपूर्ण भूमिका होने की बात भी सामने आई है।
अब जांच के सामने कई सीधे सवाल
सोनू की वास्तविक पहचान और पता क्या है? पंजाब और धनबाद के पते में अंतर क्यों है? निधि से आखिरी बातचीत में क्या हुआ? घटना के बाद मोबाइल क्यों बंद हुआ? ब्लूटूथ से निगरानी के आरोप में कितनी सच्चाई है? और सबसे बड़ा सवाल निधि की मौत की वास्तविक वजह क्या थी?





