भोपाल में Gen Alpha Protest: स्कूल बचाने सड़क पर उतरे छात्र, DMS मर्जर के खिलाफ प्रदर्शन

भारत में छात्रों के आंदोलनों के बीच अब एक नई पीढ़ी की आवाज भी सामने आने लगी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार Gen Alpha यानी 2010 के बाद जन्मे बच्चों ने अपने स्कूल के भविष्य को लेकर प्रदर्शन किया। डिमॉन्स्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल (DMS) को केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्रों ने सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जताई।
DMS छात्रों ने किया शांतिपूर्ण प्रदर्शन
भोपाल के रीजनल स्कूल के करीब 300 से 400 छात्र मर्जर प्रस्ताव के विरोध में एकजुट हुए। छात्रों के हाथों में ‘सेव DMS’ और ‘प्राउड टू बी DMSian’ जैसे पोस्टर दिखाई दिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने ‘We Want Justice’ जैसे नारे भी लगाए। छात्रों ने स्कूल प्रशासन के सामने अपनी मांग रखते हुए साफ कहा कि वे अपने संस्थान की पहचान और मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं।
पहली बार दिखा Gen Alpha Protest
Gen Alpha यानी नई डिजिटल पीढ़ी, जो साल 2010 और उसके बाद पैदा हुई है, आमतौर पर तकनीक के साथ बढ़ने वाली पीढ़ी मानी जाती है। लेकिन भोपाल में इस पीढ़ी के बच्चों ने पहली बार किसी शैक्षणिक मुद्दे को लेकर संगठित तरीके से अपनी आवाज उठाई है।
यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था, स्कूल प्रबंधन और छात्रों की भागीदारी को लेकर एक नई चर्चा भी शुरू कर रहा है।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने रीजनल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसके गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने संविलयन के प्रस्ताव को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। छात्रों का कहना है कि फैसला लेने से पहले उनकी राय और भविष्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता
DMS के मर्जर प्रस्ताव को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और प्राथमिकताएं अलग होती हैं।
अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि मर्जर के बाद बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता और भविष्य के एडमिशन पर क्या असर पड़ेगा। वे चाहते हैं कि किसी भी निर्णय से पहले पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
DMS में पढ़ते हैं हजार से ज्यादा छात्र
जानकारी के अनुसार, DMS में नर्सरी से लेकर 12वीं तक 1000 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। स्कूल में साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के अलग-अलग सेक्शन हैं। इसके अलावा कई वोकेशनल कोर्स भी संचालित किए जाते हैं।
अभिभावकों का सवाल है कि KVS में विलय के बाद इन सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था का क्या होगा। वे NCERT और संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे हैं।
भोपाल का Gen Alpha Protest सिर्फ एक स्कूल के मर्जर का विरोध नहीं है, बल्कि यह छात्रों की भागीदारी और शिक्षा से जुड़े फैसलों में उनकी भूमिका को भी सामने लाता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को किस तरह संबोधित करता है।





