CEC ज्ञानेश कुमार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, ECI और केंद्र को नोटिस; निलंबन पर अंतरिम आदेश नहीं

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और चुनाव आयोग में कथित एकतरफा निर्णय लेने के आरोपों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया।
तीन सदस्यीय बेंच ने की सुनवाई
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। सुनवाई में शैलेंद्र मणि त्रिपाठी और राकेश कुमार सिंह की याचिकाओं समेत संबंधित याचिकाओं पर दलीलें सुनी गईं। याचिकाओं में SIR से जुड़े फैसलों और चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
CEC पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—की कथित असहमति के बावजूद लिए गए।
याचिकाओं में सवाल उठाया गया है कि क्या संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल CEC अकेले कर सकते हैं या इसके लिए बहुसदस्यीय आयोग की सामूहिक प्रक्रिया जरूरी है।
‘अकेले कोई फैसला नहीं लिया जा सकता’
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलील दी कि चुनाव आयोग एक बहुसदस्यीय संस्था है और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिए जाने चाहिए। उनके मुताबिक किसी एक व्यक्ति द्वारा पूरे आयोग के अधिकारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
याचिकाकर्ताओं की ओर से CEC को अंतरिम तौर पर निलंबित करने और आयोग को सामूहिक तरीके से काम करने का निर्देश देने की मांग भी रखी गई।
न्यूज रिपोर्ट के आधार पर आदेश नहीं दे सकते: SC
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि जिस न्यूज रिपोर्ट को याचिका का आधार बनाया गया है, वह पूरी तरह सही, आंशिक रूप से सही या गलत भी हो सकती है। इसलिए केवल समाचार रिपोर्ट के आधार पर अदालत कोई आदेश पारित नहीं कर सकती।
कोर्ट ने कहा कि अगर चुनाव आयोग का कोई फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि वह पहले संबंधित पक्षों का जवाब देखना चाहती है।
ECI और केंद्र को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
कोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद अदालत मामले में आगे की सुनवाई करेगी।
SIR पर भी उठे गंभीर सवाल
याचिकाओं में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को भी चुनौती दी गई है। एक याचिका में SIR और उससे जुड़े फैसलों को कानूनी अधिकार के बिना लिया गया बताते हुए उन्हें अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।
दूसरी याचिका में कथित एकतरफा फैसलों की स्वतंत्र जांच के लिए SIT या न्यायिक जांच की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता अभी अदालत में तय नहीं हुई है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर अंतरिम राहत देने से इनकार किया है। अब चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के जवाब के बाद अदालत मामले के कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर आगे विचार करेगी।
कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि चुनाव आयोग का कोई निर्णय कानून के खिलाफ पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है। ऐसे में अगली सुनवाई में ECI का पक्ष और उसके रिकॉर्ड इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।





