विकास की गाथा के बीच SGMH में लापरवाही की पराकाष्ठा! घायल को इलाज की जगह कथित मारपीट, प्रसूता मौत सहित हालिया घटनाओं ने अस्पताल व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल

मीडिया ऑडीटर, रीवा। एक ओर रीवा में विकास की गाथा लिखी जा रही है बड़े-बड़े स्वास्थ्य संस्थानों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर संभाग के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल (SGMH) से सामने आ रही घटनाएं इन दावों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। कभी मरीज के इलाज में लापरवाही के आरोप कभी डॉक्टरों की अनुपस्थिति, कभी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और अब घायल युवक के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में है।
इलाज मांगने पहुंचे घायल युवक से कथित मारपीट
मनगवां थाना क्षेत्र के आलमगंज में पारिवारिक जमीन विवाद के दौरान घायल हुए शयन द्विवेदी को परिजन इलाज के लिए रात में SGMH ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर से बातचीत के दौरान विवाद हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों ने युवक को घेर लिया जमीन पर गिराया और उसके साथ मारपीट की। बाल पकड़कर खींचने तथा लात-घूंसों से पीटने के आरोप भी लगाए गए हैं। घटना का करीब 32 सेकेंड का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित का कहना है कि वह इलाज कराने आया था लेकिन उसके साथ अस्पताल परिसर में ही मारपीट की गई। हालांकि घटना के वास्तविक कारण और पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वीडियो बनाने वाले युवक से भी कथित बदसलूकी
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एक युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। आरोप है कि वीडियो बनाने पर उसके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई और मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद वीडियो सामने आ गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। अब सवाल यह है कि यदि अस्पताल में विवाद हुआ था तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था क्यों प्रभावी नहीं हो सकी? क्या मरीज और उसके परिजनों से निपटने का तरीका यही होना चाहिए?
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
SGMH में यह मामला अकेला नहीं है। हाल के दिनों में अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग घटनाओं और शिकायतों ने सवाल खड़े किए हैं। कल्पना प्रसूता मौत प्रकरण में इलाज और चिकित्सकीय प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुए थे कि अब घायल युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आ गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता, मरीजों के साथ व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
अधीक्षक से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक सवाल
अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई बार वरिष्ठ चिकित्सकों की अनुपस्थिति में जूनियर स्तर के चिकित्सक और सुरक्षा कर्मी मरीजों तथा उनके परिजनों से सीधे निपटते हैं। यदि ऐसा है तो अस्पताल प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ड्यूटी व्यवस्था क्या है वरिष्ठ चिकित्सक किस समय उपलब्ध रहते हैं और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की सीमा क्या निर्धारित है।
विकास के दावों के साथ जवाबदेही भी जरूरी
SGMH केवल रीवा ही नहीं पूरे विंध्य क्षेत्र के हजारों मरीजों की उम्मीद का केंद्र है। इसलिए यहां होने वाली प्रत्येक घटना का असर आम लोगों के भरोसे पर पड़ता है। अस्पताल में बेहतर भवन उपकरण और सुविधाएं जरूरी हैं लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है जवाबदेही, संवेदनशील व्यवहार और मरीज को सम्मान के साथ इलाज मिलना।





