बारिश थमी, बिजली का कहर जारी! 24 घंटे से अंधेरे में दर्जनों गांव इटहा पावर स्टेशन ठप, मनकहरी-कंचनपुर समेत कई गांव बेहाल; दर्जनों ट्रांसफार्मर जलने का दावा, विभाग की सुस्ती पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा

रीवा। बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी जिले के दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। इटहा पावर स्टेशन बंद होने से मनकहरी, कंचनपुर, साथनी, बारा, बगदरा, दुबहा, मढ़ा और पुरैनी समेत कई गांव अंधेरे में हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बारिश के दौरान कई जगह ट्रांसफार्मर जल गए और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। शिकायतों के बावजूद सुधार कार्य की रफ्तार धीमी होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इटहा पावर स्टेशन बंद, कई गांवों की सप्लाई प्रभावित
बारिश के बाद विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं। इटहा पावर स्टेशन के बंद होने का सीधा असर आसपास के बड़े इलाके पर पड़ा है। कई गांवों में 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर बिजली के तार टूटे हैं जबकि कई जगह फॉल्ट और ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण सप्लाई बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर पेट्रोलिंग और मरम्मत टीम पहुंचती तो समस्या को जल्द दूर किया जा सकता था।
दर्जनों ट्रांसफार्मर जलने का दावा
ग्रामीण क्षेत्र में बारिश के दौरान कई दर्जन ट्रांसफार्मर जलने या खराब होने का दावा किया जा रहा है। ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद संबंधित गांवों में बिजली पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर बदलने और लाइन सुधारने में लगने वाला समय लगातार बढ़ रहा है।
पानी और कारोबार पर भी असर
लंबी बिजली कटौती का असर अब घरेलू जरूरतों के साथ साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। बिजली से चलने वाले मोटर पंप बंद होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित है। आटा चक्कियां, वेल्डिंग, छोटी दुकानें और अन्य कारोबार भी प्रभावित हुए हैं। मोबाइल चार्जिंग और घरेलू उपकरणों के संचालन में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का सवाल 24 घंटे बाद भी बिजली क्यों नहीं?
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली बाधित होना समझ में आता है लेकिन बारिश थमने के बाद भी 24 घंटे से ज्यादा समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होना विभागीय तैयारी और त्वरित कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है। लोगों की मांग है कि इटहा पावर स्टेशन की समस्या को प्राथमिकता से दूर किया जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में अलग-अलग टीमें भेजकर लाइन और ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जाए।
प्रशासन की सक्रियता के बीच विद्युत विभाग पर सवाल
बारिश के बाद प्रशासनिक अमला राहत और व्यवस्था बहाल करने के लिए सक्रिय है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता के बीच ग्रामीण अब विद्युत विभाग से भी उसी स्तर की तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां ट्रांसफार्मर जल चुके हैं वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और जहां लाइन फॉल्ट है वहां युद्धस्तर पर सुधार कराया जाए।





