राष्ट्रीय

जंतर-मंतर आंदोलन के बाद CJP की केंद्र को चेतावनी, 24 अगस्त को बैठक में तय होगी अगली रणनीति

जंतर-मंतर का विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बावजूद छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सियासी तनाव कम नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर आंदोलन खत्म कराने के बाद वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है और 24 अगस्त को आगे की रणनीति तय करने का संकेत दिया है।

आंदोलन खत्म होने के बाद फिर गरमाया मुद्दा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 23 अगस्त को केंद्र सरकार से जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म कराने के दौरान किए गए कथित वादों को पूरा करने की मांग की। संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन खत्म होने और सड़कें खाली होने के बाद सरकार अपने आश्वासनों से पीछे हटने की कोशिश कर रही है।

CJP ने कहा कि युवाओं से किए गए वादों को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि उनकी मूल भावना के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए।

छात्रों की FIR को लेकर उठाया सवाल

CJP के बयान में छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन का कहना है कि इन मामलों को रद्द करने के लिए लगातार मांग की गई, लेकिन सरकार की ओर से संबंधित सूची अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

संगठन ने दावा किया कि आंदोलन वापस लेने के दौरान संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए आश्वासनों को आधार बनाया गया था। अब इन्हीं वादों पर अमल को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

‘वादों से पीछे हटना विश्वासघात’

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भरोसे से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि वादों को कमजोर करना, उनमें देरी करना, उनका अलग अर्थ निकालना या उन्हें लागू नहीं करना स्वीकार्य नहीं होगा।

CJP के मुताबिक, युवाओं ने सरकार पर भरोसा करके आंदोलन वापस लिया था। इसलिए उस भरोसे को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

24 अगस्त को बैठक, आंदोलन के संकेत

CJP ने आगे की रणनीति के लिए 24 अगस्त को बैठक करने की घोषणा की है। संगठन ने देशभर के छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अगले घटनाक्रम के लिए तैयार रहने की अपील की है।

इससे संकेत मिल रहे हैं कि यदि मांगों पर प्रगति नहीं हुई तो संगठन दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी दावा

CJP ने अपने बयान में दावा किया कि आंदोलन के दबाव के चलते धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। संगठन ने कहा कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक युवा पीढ़ी से किए गए वादों को पूरा नहीं किया जाता।

इस दावे और इस्तीफे के कारणों को लेकर आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है, इसलिए इसे CJP के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अब केंद्र सरकार के जवाब पर नजर

जंतर-मंतर से प्रदर्शन हटने के बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा। CJP की चेतावनी ने छात्र और युवा मुद्दों को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

अब 24 अगस्त की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बाद साफ होगा कि संगठन बातचीत और इंतजार का रास्ता अपनाता है या दोबारा आंदोलन की घोषणा करता है। फिलहाल गेंद केंद्र सरकार के पाले में भी है कि वह उठाए गए सवालों पर क्या जवाब देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from Media Auditor

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue Reading

%d