पटना में छात्रों और सरकार की बैठक बेनतीजा नहीं, फिर भी CM आवास घेराव पर अड़े प्रदर्शनकारी

पटना में छात्र संगठनों और सरकार के बीच हुई बैठक से बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ। सरकार की ओर से कई मांगों पर आश्वासन मिलने के बावजूद छात्र मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पर कायम हैं। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं।
बैठक में बनी बातचीत की जमीन
आंदोलनकारी छात्र नेताओं और सरकार के बीच बैठक में कई मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई। छात्र नेताओं ने माना कि सरकार और अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच बनी दूरी कम हुई है। उन्होंने बातचीत के लिए सरकार और अधिकारियों का आभार भी जताया।
CM आवास घेराव पर फैसला कायम
सकारात्मक बातचीत के बावजूद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। छात्र नेताओं के मुताबिक यह कार्यक्रम पहले से तय है और अपनी मांगों को लेकर वे इसे करेंगे। यानी बातचीत से तनाव कम हुआ है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है।
70वीं BPSC परीक्षा बना बड़ा मुद्दा
छात्रों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा डोमिसाइल नीति, आयु सीमा में छूट और सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी उठाई जा रही है। छात्र लंबे समय से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं।
TRE-4 को लेकर भी नाराजगी
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर भी छात्र संगठन अपनी मांगों पर कायम हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा एक ही चरण में हो और PT तथा Mains की व्यवस्था खत्म की जाए। साथ ही वे नकारात्मक अंक यानी निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि आयोग पहले ही इन बदलावों से इनकार कर चुका है।
परीक्षा व्यवस्था और उम्र सीमा पर जोर
छात्र BPSC, दारोगा समेत विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी भर्तियों में आयु सीमा बढ़ाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे।
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— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) August 24, 2026
BPSC एग्जामिनेशन कंट्रोलर के निलंबन से बढ़ा विवाद
आंदोलन के बीच BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार को निलंबित किया गया। छात्रों के प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल के जवाब में उनकी एक कहावत वाला बयान विवादित हो गया था। वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ी। बाद में राजेश कुमार ने वीडियो जारी कर माफी मांगी, लेकिन विवाद थमा नहीं और उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई।
अब आंदोलन का अगला पड़ाव
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत ने उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन मुख्यमंत्री आवास घेराव के फैसले से साफ है कि छात्र अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। अब असली परीक्षा आश्वासनों को जमीन पर उतारने की होगी। यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई होती है तो आंदोलन शांत हो सकता है, वरना पटना में छात्र आंदोलन और तेज होने की संभावना बनी रहेगी।





