स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, पटियाला हाउस कोर्ट ने भेजा एक दिन की पुलिस हिरासत में

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पटियाला हाउस कोर्ट के जज के घर पर पेशी के बाद उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। मामला जंतर-मंतर पर कथित मारपीट और वायरल पॉडकास्ट क्लिप से जुड़ा है।
बुलंदशहर से हिरासत, कोर्ट में हुई पेशी
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को कल देर शाम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट के जज के घर पर पेश किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अब दिल्ली पुलिस हिरासत के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच आगे बढ़ाएगी।
पुरानी FIR में जोड़ी गई SC/ST एक्ट की धाराएं
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पहले से दर्ज एक FIR में दिल्ली पुलिस ने हाल ही में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी थीं। इसके अलावा पुलिस ने उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एक नया मुकदमा भी दर्ज किया है।
इन कानूनी कार्रवाइयों के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब पुराने मामले के साथ नए मुकदमे से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जंतर-मंतर पर मारपीट से शुरू हुआ विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई के पीछे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का मामला प्रमुख रूप से सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भारद्वाज कथित तौर पर एक व्यक्ति का सिर फोड़ने की बात करते दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। हालांकि वायरल वीडियो में किए गए दावों की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।
पॉडकास्ट क्लिप ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
3 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसमें वह कथित तौर पर एक व्यक्ति पर हमला करने की बात करते नजर आए।
क्लिप में उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने उस व्यक्ति के सिर पर कड़े से वार किया था, जिसके बाद उसे कई टांके लगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा।
कपिल मिश्रा और चिराग पासवान का नाम भी आया
वायरल क्लिप में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कुछ राजनीतिक लोगों के नाम लिए गए। इसके बाद विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया।
विपक्षी दलों और CJP से जुड़े लोगों ने स्वतंत्र भारद्वाज को कथित राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप लगाए। हालांकि चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के साथ किसी तरह के संबंध होने से इनकार किया था।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस के सामने अब वायरल वीडियो, पुराने FIR, SC/ST एक्ट की धाराओं और नए पॉक्सो मामले से जुड़े तथ्यों को जांचना अहम होगा।
एक दिन की पुलिस हिरासत के दौरान जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पुलिस अदालत के सामने क्या तथ्य रखती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।





