
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में युवाओं, महिलाओं और देश के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान, महिला उद्यमिता, इतिहास की समझ और छात्राओं की अंतरिक्ष तकनीक में भागीदारी को रेखांकित किया।
नए प्रयासों को मंच देता है ‘मन की बात’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ ऐसा मंच है, जहां देश के नए और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने का अवसर मिलता है। उन्होंने युवाओं से इतिहास को आसान और रोचक तरीके से समझने के लिए bharatrajya.com वेबसाइट देखने की अपील की। इस वेबसाइट को मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि ने तैयार किया है।
इतिहास सीखने का नया तरीका
पीएम मोदी के मुताबिक, वेबसाइट पर किसी एक वर्ष का चुनाव करने पर यह जानकारी मिल सकती है कि उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में किसका शासन था। उनका मानना है कि ऐसी पहल इतिहास के विद्यार्थियों के साथ आम युवाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से अपील
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने नशे की लत को केवल व्यक्ति की समस्या नहीं बताया, बल्कि कहा कि इसका असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है।
PM स्वनिधि से महिलाओं को मिल रही ताकत
प्रधानमंत्री ने PM स्वनिधि योजना का जिक्र करते हुए महिला उद्यमिता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। उनके अनुसार लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
अंतरिक्ष क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी
पीएम मोदी ने Mission ShaktiSAT की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इसके जरिए 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और इनोवेशन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने 23 अगस्त के नेशनल स्पेस डे से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
युवाओं के सपनों से जुड़े कई संदेश
इस एपिसोड में इतिहास से लेकर नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण से लेकर अंतरिक्ष तकनीक तक, प्रधानमंत्री का फोकस युवाओं की भागीदारी पर रहा। इन मुद्दों के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि विकसित भारत की दिशा में समाज के अलग-अलग वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
आखिरकार, किसी देश का भविष्य केवल नीतियों से नहीं बनता। जब युवा इतिहास से सीखते हैं, महिलाएं अपने कारोबार को मजबूत करती हैं और छात्राएं विज्ञान की नई सीमाओं तक पहुंचती हैं, तभी विकास की तस्वीर व्यापक होती है।





