स्वतंत्र भारद्वाज पर बढ़ा कानूनी शिकंजा, SC-ST और धमकी की धाराएं जुड़ीं; POCSO में भी FIR

दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले का मामला अब और गंभीर हो गया है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में SC-ST एक्ट और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी हैं। इसी बीच POCSO कानून के तहत भी एक अलग FIR दर्ज की गई है।
बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया स्वतंत्र
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब कुछ घंटे पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के कार्यकर्ताओं ने कथित हमले के विरोध में संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होने की जानकारी सामने आई।
FIR में SC-ST एक्ट और धमकी की धारा
CJP के सह-संयोजक सौरव दास के मुताबिक, मौजूदा FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और SC-ST अधिनियम की धाराएं जोड़ी गई हैं। धारा 351(3) मौत की धमकी से संबंधित है।
सौरव दास ने दावा किया कि हत्या के प्रयास या गैर इरादतन हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं भी आगे जोड़ी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम गंभीर चोट से संबंधित धारा शामिल करने की मांग कर रही है।
हालांकि, इन अतिरिक्त धाराओं को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
मामले को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। CJP का दावा है कि इस वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज 20 जुलाई को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।
दूसरी तरफ, आरोपी ने अपने बयान को लेकर अलग संदर्भ और सफाई दिए जाने की बात कही है। ऐसे में वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों और पूरे बयान की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण होगी।
नाबालिग की शिकायत पर POCSO FIR
सौरव दास के मुताबिक, एक अलग शिकायत के आधार पर नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत नई FIR दर्ज की गई है।
शिकायत में ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि POCSO कानून के तहत आरोपों को लेकर एक नई FIR दर्ज की गई है।
बताया गया है कि इस मामले में BNS की धारा 351(3), धारा 78 और धारा 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है।
चिराग पासवान के नाम के इस्तेमाल पर शिकायत
इस पूरे विवाद में अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भी सामने आई है। पार्टी ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पार्टी का आरोप है कि जुलाई में CJP के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के नाम का झूठा और सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किया।
LJP (रामविलास) ने शिकायत में स्पष्ट किया कि न तो चिराग पासवान और न ही पार्टी का स्वतंत्र भारद्वाज से कोई संबंध है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह पीड़ित कार्यकर्ता और उसके घायल पिता के साथ खड़ी है।
शिकायत पर पुलिस की जांच जारी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, LJP (रामविलास) की शिकायत पर जांच की जा रही है और फिलहाल इस शिकायत के आधार पर कोई अलग मामला दर्ज नहीं किया गया है।
इस तरह एक ही विवाद से जुड़े कई कानूनी पहलू सामने आ गए हैं। एक तरफ संजय कुमार पर कथित हमले की FIR में नई धाराएं जुड़ी हैं, दूसरी तरफ नाबालिग की शिकायत पर POCSO के तहत अलग FIR दर्ज होने की बात सामने आई है। अब पुलिस की जांच, मेडिकल साक्ष्य, वायरल वीडियो और अन्य सबूत इस मामले की अगली दिशा तय करेंगे।





