भिंड के मालनपुर में गोदरेज की चौथी यूनिट शुरू, 450 करोड़ के निवेश से चंबल में बढ़ेगा रोजगार

भिंड के मालनपुर में बुधवार को उद्योग और रोजगार की नई कहानी लिखी गई। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की चौथी यूनिट शुरू होने के साथ चंबल क्षेत्र को 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिला है। सरकार इसे बदलते औद्योगिक मध्य प्रदेश की बड़ी तस्वीर के तौर पर देख रही है।
मालनपुर में शुरू हुई नई यूनिट
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 अगस्त को भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी नई यूनिट का शुभारंभ किया। कंपनी ने इस विस्तार में 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
इस नई इकाई के साथ मालनपुर में साबुन उत्पादन का विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसे एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री के रूप में बताया।
हर मिनट बनेंगे 4 हजार साबुन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नई यूनिट में प्रति मिनट करीब 4,000 साबुन बनाए जाएंगे। उन्होंने इसे मध्य प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल निवेश समझौते करने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की कोशिश की है। उनके मुताबिक, रोजगार और उत्पादन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा।
35 साल पुराना है गोदरेज-मालनपुर रिश्ता
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने बताया कि कंपनी का मालनपुर से रिश्ता करीब 35 साल पुराना है। उनके पिता आदि गोदरेज ने 1991 में यहां साबुन निर्माण की यूनिट शुरू की थी।
कंपनी के अनुसार, मालनपुर में लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में उसकी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट संचालित हो रही है और यहां अब तक कुल निवेश करीब 850 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
चंबल की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी दस्यु समस्या के कारण चर्चा में रहने वाला ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब उद्योग, निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के जरिए औद्योगिक गतिविधियों को और बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का जोर क्षेत्रीय स्तर पर उद्योग स्थापित कर युवाओं को स्थानीय रोजगार देने पर है।
महिलाओं और युवाओं पर भी जोर
निसाबा गोदरेज ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा, आवास और अन्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने के अवसर देने और कौशल विकास के जरिए आगे बढ़ाने की बात भी कही।
गोदरेज ने मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई। कंपनी ने वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त लक्ष्य में सहयोग की बात कही।
निवेश से रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग परियोजनाओं के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकार ले रहा है। उन्होंने राज्य की बढ़ती निर्यात क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश के उत्पाद देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंच रहे हैं।
मालनपुर की नई यूनिट ऐसे समय शुरू हुई है जब सरकार चंबल क्षेत्र की औद्योगिक पहचान मजबूत करने पर जोर दे रही है। अब चुनौती यह है कि बड़े निवेश का लाभ स्थानीय युवाओं, छोटे कारोबारों और आसपास के समुदायों तक भी पहुंचे। किसी भी औद्योगिक परियोजना की असली सफलता सिर्फ मशीनों के चलने में नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले स्थायी रोजगार और स्थानीय समृद्धि में दिखाई देती है।





