POCSO और मारपीट केस के बीच स्वतंत्र भारद्वाज न्यायिक हिरासत में, 21 सितंबर को अगली पेशी

जंतर-मंतर पर कथित मारपीट से जुड़े मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की मांग पर अदालत ने आदेश दिया कि अगली पेशी 21 सितंबर को होगी और सुरक्षा कारणों से उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए स्वतंत्र
दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत से उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंका जताई थी, जिसके चलते आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया।
21 सितंबर को होगी अगली पेशी
अदालत के आदेश के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज को अब 21 सितंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब स्वतंत्र की गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण से संबंधित याचिका भी दाखिल की गई है।
शनिवार को हुई थी गिरफ्तारी
स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट समेत अन्य आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं।
नाबालिग की शिकायत पर POCSO केस
इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम के तहत एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की है। यह एफआईआर नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि अपने पिता के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उसे ऑनलाइन धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
CJP प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में हुई। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले CJP ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग की थी।
इंटरव्यू के बाद बढ़ा विवाद
पूरे विवाद की शुरुआत एक इंटरव्यू के बाद हुई बताई जा रही है। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर कहा था कि उन्होंने एक व्यक्ति का सिर फोड़ दिया था और उसे 60 टांके लगे थे। उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह के अपराध में भारतीय न्याय संहिता के बजाय पुरानी कानूनी व्यवस्था के संदर्भ में धारा 307 लगती है। इसी बयान को लेकर विवाद और पुलिस कार्रवाई का मामला आगे बढ़ा।
अब आगे क्या होगा?
पटियाला हाउस कोर्ट के ताजा आदेश के बाद स्वतंत्र भारद्वाज न्यायिक हिरासत में रहेंगे और उनकी अगली पेशी 21 सितंबर को होगी। वहीं, हाईकोर्ट में दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका और पुलिस की ओर से दर्ज अलग-अलग मामलों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।





