Jamia में खाने को लेकर बवाल, J&K गर्ल्स हॉस्टल के बाद स्कूल के सैकड़ों छात्र VC ऑफिस पहुंचे

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में खाने की गुणवत्ता और मेस व्यवस्था को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं के प्रदर्शन के अगले दिन जामिया स्कूल के सैकड़ों छात्र भी कुलपति कार्यालय पहुंच गए। स्कूल हॉस्टल के खाने में छिपकली मिलने की घटना के बाद साफ भोजन और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।
J&K गर्ल्स हॉस्टल के बाद स्कूल छात्रों का प्रदर्शन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मेस और खाने की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़े प्रदर्शन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। 11 सितंबर 2026 की रात J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने भोजन और मेस व्यवस्था के खिलाफ दोबारा प्रदर्शन शुरू किया था।
इसके अगले दिन, 12 सितंबर को जामिया स्कूल के सैकड़ों छात्र भी कुलपति कार्यालय के बाहर पहुंच गए। छात्रों के इस प्रदर्शन से कैंपस में खाने की गुणवत्ता का मुद्दा और गरमा गया।
खाने में छिपकली मिलने के बाद नाराजगी
जामिया स्कूल के छात्रों के प्रदर्शन की मुख्य वजह स्कूल हॉस्टल के खाने में छिपकली मिलने की घटना बताई जा रही है। घटना के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ी और बड़ी संख्या में छात्र VC ऑफिस के बाहर जमा हुए।
छात्रों ने साफ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के साथ प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
पहले से आंदोलन कर रही हैं J&K हॉस्टल की छात्राएं
J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 11 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे मेस की व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर दोबारा प्रदर्शन शुरू किया था। छात्र संगठन AISA JMI ने इस आंदोलन को समर्थन दिया।
AISA का आरोप है कि इससे पहले हुए विरोध के दौरान प्रशासन ने छात्राओं की कुछ मांगों को लिखित रूप से स्वीकार किया था, लेकिन बाद में उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
छात्राओं की प्रमुख शिकायतें भोजन की गुणवत्ता, मेस संचालन और फूड वेंडर से जुड़ी हैं।
नाश्ता और दोपहर के भोजन को लेकर भी आरोप
AISA के मुताबिक, 11 सितंबर को J&K गर्ल्स हॉस्टल में सुबह नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। संगठन का दावा है कि दोपहर का भोजन भी निर्धारित समय पर नहीं मिला और करीब 3 बजे छात्राओं को खाना परोसा गया।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि भोजन परोसे जाने के दौरान मेस में पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। छात्राओं से भोजन लेने के लिए नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहे जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
छात्राओं ने आशंका जताई कि इस जानकारी का इस्तेमाल प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान के लिए किया जा सकता है।
फूड वेंडर को लेकर सबसे बड़ा विवाद
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने मौजूदा फूड वेंडर को हटाने की मांग भी दोहराई। AISA का आरोप है कि जिस वेंडर को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, उसे हटाने के बजाय नाम बदलकर दोबारा भोजन आपूर्ति का काम दिए जाने की स्थिति बनी है।
संगठन के अनुसार, संबंधित फूड वेंडर को 2023 से J&K गर्ल्स हॉस्टल में भोजन आपूर्ति का ठेका मिलता रहा है। AISA का दावा है कि 2023 में भी छात्राओं ने वेंडर को हटाने की मांग को लेकर विरोध किया था।
हालांकि, इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
प्रदर्शनकारी छात्राओं पर दबाव का आरोप
AISA ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल और मीडिया से बातचीत करने वाली कुछ छात्राओं को प्रशासनिक स्तर पर परेशान किया गया।
संगठन का कहना है कि भोजन और मेस व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कार्रवाई या दबाव बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने प्रशासन से यह आश्वासन भी मांगा है कि आंदोलन में शामिल छात्रों की किसी तरह की ‘witch hunting’ या प्रशासनिक टारगेटिंग नहीं की जाएगी।
चार प्रमुख मांगों पर अड़ी छात्राएं
J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने प्रदर्शन के दौरान चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मौजूदा फूड वेंडर का ठेका रद्द करना प्रमुख है।
इसके अलावा मेस में केवल महिला कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने, हॉस्टल की Provost और Warden के इस्तीफे तथा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई या टारगेटिंग नहीं करने का आश्वासन देने की मांग की गई है।
Centenary Gate की लाइट बंद करने पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम की भूमिका को लेकर भी AISA ने सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर दबाव बनाने के लिए Centenary Gate की लाइट बंद कर दी गई।
AISA ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन से निपटने का अनुचित तरीका बताया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
दो घटनाओं ने कैंपस में बढ़ाई चिंता
जामिया स्कूल के छात्रों का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं पहले से ही भोजन और मेस व्यवस्था को लेकर आंदोलन कर रही थीं।
स्कूल हॉस्टल के भोजन में छिपकली मिलने की घटना ने विवाद को और गंभीर बना दिया। AISA का कहना है कि छात्रों में नाराजगी इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि हॉस्टल की छात्राएं पहले से साफ और सुरक्षित भोजन की मांग कर रही थीं।
अब जामिया में खाने की गुणवत्ता को लेकर दो स्तरों पर विरोध सामने है। एक तरफ J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं मेस, फूड वेंडर और हॉस्टल प्रशासन से जुड़े सवाल उठा रही हैं, तो दूसरी तरफ स्कूल के छात्र भी कथित तौर पर भोजन में छिपकली मिलने के बाद साफ और सुरक्षित भोजन की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन के सामने जवाबदेही की चुनौती
AISA ने जामिया प्रशासन से प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर तत्काल बातचीत करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे विवाद का केंद्र छात्रों का एक बुनियादी सवाल है—हॉस्टल में मिलने वाला भोजन सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है और भोजन की गुणवत्ता को लेकर क्या ठोस व्यवस्था बनाई जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।





