भोपालमध्य प्रदेशरीवा

रीवा में डिजिटल इंडिया की खुली पोल: पंजीयक कार्यालय व कलेक्ट्रेट का सर्वर घंटों ठप, धूप में परेशान होते रहे सैकड़ों लोग

मीडिया ऑडीटर रीवा| रीवा जिले में सोमवार को डिजिटल व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब जिला पंजीयक कार्यालय और कलेक्ट्रेट से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का सर्वर अचानक घंटों के लिए ठप हो गया। सर्वर बंद होने के कारण दस्तावेजों के पंजीयन, रजिस्ट्री, नामांतरण सहित कई ऑनलाइन कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। दूर-दराज़ से पहुंचे नागरिकों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा जबकि तेज गर्मी और उमस के बीच लोगों का धैर्य भी जवाब देने लगा।

सुबह से ही पंजीयक कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग अपने निर्धारित समय पर दस्तावेजों का पंजीयन कराने पहुंचे थे। लेकिन तकनीकी समस्या के चलते ऑनलाइन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। सर्वर बंद होने की जानकारी मिलने के बाद कार्यालय परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। कई लोगों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों से किराया खर्च कर रीवा पहुंचे थे, लेकिन पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो सका।

इसी दौरान कलेक्ट्रेट से संबंधित कई ऑनलाइन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। राजस्व, प्रमाण पत्र, ऑनलाइन आवेदन और अन्य डिजिटल कार्यों में भी व्यवधान आने से आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोग बार-बार अधिकारियों और कर्मचारियों से सर्वर शुरू होने की जानकारी लेते रहे लेकिन लंबे समय तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।

परेशान नागरिकों का कहना था कि डिजिटल इंडिया के नाम पर सरकारी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन तो कर दिया गया है, लेकिन यदि सर्वर ही बार-बार ठप हो जाए तो आम जनता आखिर जाए तो जाए कहां। लोगों का कहना था कि पहले की व्यवस्था में भले ही प्रक्रियाएं मैनुअल थीं लेकिन अधिकांश काम समय पर पूरे हो जाते थे। अब आए दिन सर्वर डाउन होने से लोगों का समय पैसा और श्रम तीनों बर्बाद हो रहे हैं।

कई नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रदेश और केंद्र सरकार डिजिटल सेवाओं को मजबूत बनाने का दावा कर रही हैं, तब जिला स्तर पर बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सर्वर की समस्या पहले से ज्ञात रहती है तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि आम जनता को घंटों परेशान न होना पड़े।

हालांकि संबंधित अधिकारियों ने सर्वर में तकनीकी खराबी आने की बात कही और समस्या के समाधान के प्रयास जारी होने की जानकारी दी। लेकिन लोगों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा बल्कि ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस तकनीकी व्यवस्था विकसित करनी होगी।

डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को तेज पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है लेकिन यदि सर्वर बार-बार जवाब देता रहा तो डिजिटल इंडिया का सपना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनता जाएगा। रीवा में सोमवार को देखने को मिला यह नजारा प्रशासन की डिजिटल तैयारियों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर गया।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from Media Auditor

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue Reading

%d