काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर PAC जवान की कार्बाइन से चली गोली, CCTV में कैद हुई घटना; 3 लोग घायल

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर शनिवार सुबह अचानक गोली चलने से अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर के बाहर हुई इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, PAC जवान की कार्बाइन से कथित तौर पर दुर्घटनावश फायर हुआ, जिसमें एक ही दुकान पर काम करने वाले तीन लोग घायल हो गए।
गेट नंबर 4 पर मची अफरा-तफरी
घटना काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 स्थित नंदू फरिया एंट्री पॉइंट के पास हुई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, PAC जवान अमरनाथ चौहान, जो 48वीं बटालियन में तैनात हैं, ड्यूटी के दौरान कार्बाइन लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक फायरिंग हो गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में जवान कार्बाइन लेकर चलते हुए दिखाई देता है और कुछ ही क्षण बाद अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई देती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गोली जमीन पर लगी और उसके छर्रे (रिकोशेट) पास की फूल-माला की दुकान पर काम कर रहे लोगों को जा लगे। फिलहाल वीडियो भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
तीन लोग घायल, सभी खतरे से बाहर
फायरिंग की इस घटना में एक ही दुकान पर काम करने वाले तीन लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
पुलिस ने क्या बताया?
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि PAC जवान के हाथ से कार्बाइन छूटने के कारण दो राउंड फायर हो गए। गोलियां जमीन पर लगीं और उनके रिकोशेट से तीन लोगों को चोट आई। घायलों में एक के हाथ, दूसरे की कमर और तीसरे की टांग में छर्रे लगे हैं। किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान हुई कथित दुर्घटनावश फायरिंग का मामला प्रतीत होती है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर शिवहरि मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल भी जाना। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और क्या सुरक्षा प्रक्रियाओं में किसी तरह की चूक हुई थी।





