सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद सियासी घमासान, विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर उठाया गया, क्योंकि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही थी।
विपक्ष ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। विभिन्न नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
संजय सिंह और डिंपल यादव की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की मांगों पर बातचीत करने के बजाय उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध की आवाज़ को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में भी सरकार पर तीखी टिप्पणी की।
टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) ने भी जताई नाराजगी
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना की और इसे अनुचित बताया। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए। दोनों नेताओं ने अपने-अपने बयान में सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार लिया गया। पुलिस के अनुसार, उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक हो रही थी, इसलिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी था। पुलिस ने यह भी कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान संयम बरता गया और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से स्थल खाली करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अदालत के आदेशों का पालन कराना उसकी जिम्मेदारी है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। एक ओर विपक्ष इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठा रहा है, वहीं दिल्ली पुलिस इसे अदालत के निर्देशों और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप उठाया गया कदम बता रही है। मामले को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा फिलहाल जारी है।





