वियतनाम नाव हादसे के बाद लौटे 15 भारतीयों के शव, शोक में डूबे परिवारों तक पहुंचेगी अंतिम विदाई

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद 15 भारतीय नागरिकों के शव विशेष विमान से मुंबई पहुंच गए हैं। अब भारतीय दूतावास और संबंधित राज्य सरकारें पार्थिव शरीरों को उनके घरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं, ताकि परिवार अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई दे सकें।
मुंबई पहुंचा विशेष विमान
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास 11 जुलाई 2026 को हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव सोमवार रात मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंच गए। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी पार्थिव शरीर सुरक्षित भारत लाए गए हैं।
राज्य सरकारें संभालेंगी आगे की जिम्मेदारी
दूतावास के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु की राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों के मृतकों के शव उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां भी सहयोग कर रही हैं, ताकि शोकाकुल परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
The flight transporting the mortal remains of the Indian nationals who had lost their lives in the tragic boat accident on 11 July in Phu Quoc has just arrived in Mumbai.
The Embassy in Hanoi and the Consulate in Ho Chi Minh City will continue to coordinate with respective… pic.twitter.com/LAJMyU2BW3
— India in Vietnam (@AmbHanoi) July 13, 2026
भारतीय दूतावास ने जताई संवेदना
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि भारतीय मिशन हर संभव सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
वियतनामी एजेंसियों का जताया आभार
भारतीय दूतावास ने फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र, आन जियांग प्रांत प्रशासन, हो ची मिन्ह सिटी के विदेश विभाग, वियतनाम के विदेश मंत्रालय और राहत कार्य में सहयोग देने वाली सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त किया। दूतावास ने कहा कि वियतनाम सरकार और वहां के लोगों द्वारा भेजे गए संवेदना संदेश इस दुख की घड़ी में भारत के लिए बड़ी सांत्वना बने।
मानवीय सहयोग की मिसाल बना यह अभियान
विदेश में किसी बड़ी त्रासदी के बाद पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक स्वदेश लाना एक जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया होती है। वियतनाम और भारत के प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय ने इस कठिन कार्य को समय पर पूरा किया। अब पूरा देश उन परिवारों के दुख में सहभागी है, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो दिया।





