मानसून बना आफत! यूपी, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

देशभर में मानसून ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई राज्यों में जलभराव, भूस्खलन, मकान ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। दिल्ली में गुरुवार को चार लोगों की मौत हुई, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से कम से कम 19 लोगों की जान चली गई। वहीं केरल के वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल में सबसे ज्यादा असर
उत्तराखंड इस समय मानसून से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। पर्वतीय इलाकों में लगातार भूस्खलन के कारण 107 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में अचानक आई बाढ़ से 100 फुट लंबा लोहे का पुल डूब गया, जबकि पूरे राज्य में 75 सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया।
यूपी, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में भी भारी नुकसान
उत्तर प्रदेश में बारिश और आकाशीय बिजली से 19 लोगों की मौत हुई है। गाजियाबाद में जलभराव और नाले में गिरने से दो बच्चों की जान चली गई, जबकि बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला। राजस्थान में धौलपुर और किशनगढ़ में मकान ढहने की घटनाएं हुईं, जबकि बारिश के चलते छह ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। गुजरात के सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई और करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
महाराष्ट्र में सिलेंडर बहने का वीडियो वायरल, एमपी में बारिश होगी कम
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 एलपीजी गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुणे में निर्माणाधीन इमारत गिरने के बाद राहत कार्य जारी है, जबकि मुंबई में भारी बारिश से लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कई इलाकों में जलभराव हो गया। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने केवल पन्ना और सतना जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।





