पूर्वोत्तर में बारिश का कहर, असम में पुल बहा, अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़े

पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने असम और अरुणाचल प्रदेश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बाढ़, भूस्खलन और तेज कटाव के कारण सड़क और रेल संपर्क बाधित हो गया है। असम में एक 300 मीटर लंबा लोहे का पुल बह गया, जबकि अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं।
असम में रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
असम के धेमाजी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और सिमेन नदी में तेज कटाव के कारण रेलवे पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद अर्चिपथर और सिमेन चापारी स्टेशनों के बीच रेल संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अनुसार, 110 मिमी से अधिक बारिश के कारण पुल की संरचना प्रभावित हुई है। राहत की बात यह रही कि किसी ट्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा और कोई हताहत नहीं हुआ।
300 मीटर लंबा लोहे का पुल बाढ़ में बहा
धेमाजी जिले में केमी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से केमी और ओयान को जोड़ने वाला करीब 300 मीटर लंबा लोहे का पुल तेज बहाव में बह गया। इससे केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र और जोनाई सदर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर के समय नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और कुछ ही देर में पूरा पुल बह गया।
एक साल पहले बना था पुल, उठे निर्माण पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि इस पुल का निर्माण करीब एक वर्ष पहले ही हुआ था। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से लोहे के बजाय मजबूत कंक्रीट पुल बनाने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। अब पुल बहने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से तीन की मौत
अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं।
एनईईपीको कॉलोनी और आसपास के गांवों में अचानक आई बाढ़ में कई लोग बह गए थे। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी किया है। कई सड़कों पर यातायात रोक दिया गया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सहायता कार्य में जुटे हुए हैं।





