मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में बारिश से बिगड़े हालात, 527 लोगों की जान बचाई गई, CM मोहन यादव ने नदी किनारे रहने वालों को चेताया

मध्य प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, निचली बस्तियों में पानी घुस गया है और ग्रामीण इलाकों में खतरा बढ़ रहा है। ऐसे हालात में राहत-बचाव टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हैं।

बारिश ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार, 12 अगस्त को भी जारी रहा। लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नदी-नालों के किनारे बसे गांवों और निचली बस्तियों में पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई इलाकों में प्रशासन और राहत दलों को सक्रिय किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

527 लोगों की बचाई गई जान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बारिश से पैदा हुए हालात की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। उनके मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने अब तक 527 लोगों की जान बचाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में ज्यादा बारिश हुई है, वहां आम लोगों को राहत पहुंचाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

खंडवा में सात कांवड़ियों का रेस्क्यू

खंडवा में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सात कांवड़िए मुश्किल में फंस गए। स्थिति बिगड़ने पर राहत और बचाव दल ने तत्काल अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ना बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार कुछ ही मिनटों में सामान्य दिखने वाला रास्ता खतरनाक बहाव में बदल जाता है। यही वजह है कि प्रशासन लोगों से नदी और नालों के आसपास जाने से बचने की अपील कर रहा है।

CM खुद कर रहे निगरानी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि उन्होंने होमगार्ड कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ और बारिश से प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रेस्क्यू किए गए लोगों से बातचीत भी की।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर पड़ोसी जिलों से भी राहत टीमों और संसाधनों की मदद ली जाएगी। राज्य स्तर पर भी हालात की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

नदी किनारे रहने वालों को चेतावनी

सीएम मोहन यादव ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर पानी बढ़ने की स्थिति दिखाई दे तो लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

खासकर बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन के निर्देशों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

राहत के बीच सबसे बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 फीसदी कम बारिश हुई है, लेकिन कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर हालात गंभीर बने हैं।

बारिश कम या ज्यादा होने से ज्यादा जरूरी यह है कि संवेदनशील इलाकों में लोग सतर्क रहें। 527 लोगों का रेस्क्यू राहत की बड़ी तस्वीर जरूर दिखाता है, लेकिन मानसून अभी बाकी है। इसलिए प्रशासन की तैयारी के साथ आम लोगों की सावधानी भी जान बचाने में उतनी ही अहम है।

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