दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव, केंद्र सरकार ने बड़े प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपीं

केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात उच्च स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया। इसके तहत मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
मुखर्जी फिलहाल कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वह विनीत जोशी की जगह लेंगी। जोशी को पिछले महीने पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया था।
23 जुलाई के आदेश में किया गया बदलाव
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति यानी ACC ने 23 जुलाई को जारी अपने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए मुखर्जी की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
इससे पहले पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव बनाने का फैसला किया गया था। अब सरकार ने इस नियुक्ति में बदलाव करते हुए यह जिम्मेदारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को सौंप दी है।
1993 बैच की IAS अधिकारी हैं मुखर्जी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। मध्य प्रदेश कैडर से आने वाली मुखर्जी के पास केंद्र सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में काम करने का अनुभव है।
उच्च शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब परीक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा में सुधार जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में हैं।
NEET-UG विवाद के बीच नियुक्ति अहम
मुखर्जी की नियुक्ति को NEET-UG विवाद के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवादों ने परीक्षा प्रणाली और पारदर्शिता को लेकर देशभर में सवाल खड़े किए हैं।
ऐसे माहौल में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाली नई सचिव के सामने परीक्षा व्यवस्था में भरोसा मजबूत करना और उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।
Ms. Deepti Gaur Mukerjee, IAS (MP:93) has been appointed as Secretary, Department of Higher Education, Ministry of Education, vice Shri Vineet Joshi, IAS, upon his appointment as Secretary, Ministry of Panchayati Raj. pic.twitter.com/W6ALswSg3V
— Central Secretariat Service Forum (@CSSforum_) August 10, 2026
पल्लवी जैन गोविल को भी नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। युवा मामलों के विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल को कॉर्पोरेट मामलों का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
वहीं, मंत्रिमंडल सचिवालय में OSD सुशील कुमार लोहानी को भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है।
कई अहम विभागों में बदले अधिकारी
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वीएल कांता राव को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग में OSD नियुक्त किया गया है। वर्तमान सचिव अंशुली आर्य के अगले महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने के बाद राव राजभाषा विभाग के सचिव का पद संभालेंगे।
उनकी जगह वरिष्ठ नौकरशाह अर्चना वर्मा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की नई सचिव होंगी।
नई जिम्मेदारियों के साथ बढ़ी उम्मीदें
केंद्र सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल कई महत्वपूर्ण विभागों की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है। खासतौर पर उच्च शिक्षा में दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने परीक्षा सुधार, संस्थानों की गुणवत्ता और छात्रों के भरोसे जैसे मुद्दे अहम रहेंगे।
अब नजर इस बात पर होगी कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उच्च शिक्षा विभाग किन प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ता है और मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





