उत्तर प्रदेश

लखनऊ में बनेगा नया विधानसभा भवन, कमल की पंखुड़ियों जैसा होगा डिजाइन, 245 एकड़ में तैयार होगा भव्य परिसर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नए विधानसभा भवन की तैयारी तेज हो गई है। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित सहारा शहर की करीब 245 एकड़ जमीन पर यह पूरा परिसर विकसित किया जाएगा।

शासन ने परियोजना की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA को दी है। प्रस्तावित परिसर में विधानसभा भवन के साथ विधायकों और विधानसभा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

कमल की पंखुड़ियों से प्रेरित होगा डिजाइन

नए विधानसभा भवन का डिजाइन इसे खास पहचान देने वाला है। प्रस्तावित मॉडल कमल के फूल की पंखुड़ियों से प्रेरित बताया जा रहा है। देश-विदेश की कई कंपनियों ने LDA के सामने अपने डिजाइन और प्रस्ताव जमा किए हैं।

अब इनमें से उपयुक्त कंपनी के चयन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।

एक ही परिसर में होंगी आधुनिक सुविधाएं

नया विधानसभा परिसर केवल सदन तक सीमित नहीं रहेगा। यहां प्रशासनिक कार्यालय, बैठक कक्ष और विधायकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

परियोजना का उद्देश्य ऐसा आधुनिक परिसर तैयार करना है, जहां विधानसभा से जुड़े अलग-अलग काम एक ही जगह व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकें। निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

104 साल पुरानी इमारत का इतिहास

लखनऊ का मौजूदा विधानसभा भवन अपने साथ लंबा इतिहास समेटे हुए है। 15 दिसंबर 1922 को इसके निर्माण का शिलान्यास हुआ था। इसका डिजाइन हीरा सिंह और सैमुअल ने तैयार किया था, जबकि निर्माण मार्टिन एंड कंपनी ने कराया।

करीब 21 लाख रुपये की लागत से बनी यह इमारत 21 फरवरी 1928 को पूरी हुई थी। आज यह भवन लगभग 104 साल पुराना हो चुका है।

ट्रैफिक भी बना बड़ी वजह

विधानसभा के आसपास बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने भी नए परिसर की जरूरत को सामने रखा है। विधानसभा सत्र या वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़कें बंद होने से आसपास के चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है।

इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। रोजमर्रा के सफर में जाम और आवाजाही की परेशानी झेलने वाले लोगों के लिए नया परिसर भविष्य में राहत का रास्ता खोल सकता है।

नए भवन से बदल सकती है लखनऊ की पहचान

लखनऊ की पहचान पहले से ही अपनी ऐतिहासिक इमारतों और स्थापत्य कला के लिए रही है। ऐसे में कमल की पंखुड़ियों से प्रेरित आधुनिक विधानसभा भवन शहर की वास्तुकला में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।

हालांकि, डिजाइन से लेकर निर्माण तक अभी कई औपचारिक प्रक्रियाएं बाकी हैं। लेकिन अगर योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में लखनऊ को एक ऐसा नया विधानसभा परिसर मिल सकता है, जो परंपरा, आधुनिकता और प्रशासनिक जरूरतों—तीनों का संगम बने।

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