राम मंदिर चढ़ावा मामले में VHP बोली, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई और तेज जांच

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर के संचालन और दान प्रबंधन की जिम्मेदारी विश्व हिंदू परिषद की नहीं है।
चंपत राय पर कार्रवाई को लेकर दिया जवाब
आलोक कुमार ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद पर चंपत राय की नियुक्ति विश्व हिंदू परिषद की ओर से नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि एसआईटी जांच शुरू होने के बाद चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने माना कि यदि लापरवाही साबित होती है तो उस पर विचार किया जाएगा।
VHP ने रखीं चार प्रमुख मांगें
जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए वीएचपी ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें तत्काल एफआईआर दर्ज करना, जांच में तेजी लाना, मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना शामिल है। आलोक कुमार ने कहा कि निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई से ही श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा।
SIT कर रही पूरे मामले की जांच
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम दान की रकम, जमीन से जुड़े लेन-देन, कथित गायब सामान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किसी भी बड़ी वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है और जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कही है।





