जेपी नड्डा की तबीयत बिगड़ी, बेचैनी के बाद AIIMS में भर्ती, कोरोनरी एंजियोग्राफी हुई, डॉक्टरों ने हालत स्थिर बताई

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की तबीयत को लेकर शुक्रवार को सामने आई खबर ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों का ध्यान खींचा। बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया, जहां कई जांचों के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है।
बेचैनी की शिकायत के बाद AIIMS पहुंचे नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को 13 अगस्त की शाम बेचैनी महसूस होने के बाद दिल्ली स्थित AIIMS ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी कई चिकित्सकीय जांच कीं। इनमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल थी।
AIIMS की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, नड्डा फिलहाल स्थिर हैं और कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी के लिए भर्ती हैं। अस्पताल ने उनकी बेचैनी की वजह या एंजियोग्राफी के नतीजों को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
क्या होती है कोरोनरी एंजियोग्राफी?
कोरोनरी एंजियोग्राफी हृदय की रक्त वाहिकाओं की स्थिति देखने के लिए की जाने वाली एक महत्वपूर्ण जांच है। इसमें डॉक्टर आमतौर पर कैथेटर के जरिए कोरोनरी आर्टरीज तक पहुंचते हैं और कंट्रास्ट डाई की मदद से एक्स-रे इमेज लेते हैं।
इससे डॉक्टरों को हृदय की धमनियों में संभावित संकुचन या ब्लॉकेज का पता लगाने में मदद मिलती है। हालांकि, केवल एंजियोग्राफी किए जाने से किसी बीमारी या गंभीर समस्या की पुष्टि नहीं होती। नड्डा की जांच के निष्कर्षों की जानकारी AIIMS ने सार्वजनिक नहीं की है।
13 अगस्त को ही फहराया था तिरंगा
दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन शाम को नड्डा की तबीयत खराब हुई, उसी दिन उन्होंने अपने आवास पर परिवार के साथ तिरंगा फहराया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए देशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने की अपील भी की थी।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया था। इसके कुछ घंटों बाद उनके AIIMS में भर्ती होने की खबर सामने आई।
हाल के दिनों में राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे नड्डा
जेपी नड्डा पिछले दिनों राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहे हैं। हाल ही में सीजेपी प्रदर्शन के दौरान भी उनकी भूमिका चर्चा में रही थी। उन्होंने प्रदर्शनकारी सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनकी भूख हड़ताल खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके बाद प्रदर्शन से जुड़े नेताओं के साथ बातचीत कर जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को समाप्त कराने की दिशा में भी पहल की गई थी। ऐसे में उनकी अचानक अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बढ़ा दी है।
फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में
AIIMS के आधिकारिक अपडेट के अनुसार नड्डा की स्थिति इस समय स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में ऑब्जर्वेशन के लिए रखा गया है। अस्पताल की ओर से अभी किसी गंभीर बीमारी, उपचार की अगली योजना या एंजियोग्राफी के निष्कर्ष के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि स्वास्थ्य मंत्री की हालत स्थिर बताई गई है। आगे की जानकारी डॉक्टरों की निगरानी और आधिकारिक मेडिकल अपडेट के आधार पर ही स्पष्ट होगी। ऐसे मामलों में अफवाहों के बजाय अस्पताल की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना सबसे जरूरी है।





