भगत सिंह की जयंती पर CM योगी की ‘योगी की पाती’, युवाओं से बोले- ज्ञान को बनाएं अपनी ताकत

अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखी। इसमें उन्होंने भगत सिंह के जीवन, उनके बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा को याद करते हुए युवाओं से उनके विचारों और अध्ययनशील जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह ने बेहद कम उम्र में देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि था और उनका जीवन युवाओं को अपने संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।
23 साल की उम्र में देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने भगत सिंह के जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महज 23 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगत सिंह की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का भी अवसर है। उन्होंने युवाओं से अपने संकल्प को नई ऊर्जा देने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की।
जाति-पाति और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्ति का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में सामाजिक बुराइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज समाज को जाति-पाति, नशे और दूसरी कुरीतियों से मुक्त करने की जरूरत है।
उन्होंने युवाओं से भगत सिंह के साहस और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा लेकर इन चुनौतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की अपील की। संदेश में सामाजिक बदलाव के लिए युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।
भगत सिंह के अध्ययनशील जीवन से सीखने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने भगत सिंह के अध्ययनशील व्यक्तित्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि गंभीर अध्येता भी थे। वे हिंदी, उर्दू, पंजाबी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं का ज्ञान रखते थे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे ज्ञान को अपनी ताकत बनाएं और सीखने की ललक को हमेशा जीवित रखें। उन्होंने संकल्प को केवल विचार तक सीमित न रखने, बल्कि उसे कर्म से जोड़ने की बात कही।
ज्ञान के साथ कौशल को जोड़ने पर जोर
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ज्ञान कौशल से जुड़ता है तो युवा अपनी प्रतिभा को वास्तविक सामर्थ्य में बदल सकता है। इससे उन्हें अपने लक्ष्यों और सपनों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, युवाओं को उद्यम स्थापित करने और रोजगार पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान तथा नवाचार को बढ़ावा देने वाली स्टार्टअप नीति शामिल हैं।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत अलग-अलग जिलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं बढ़ाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। कन्नौज में आधुनिक पुस्तकालय और निशुल्क कोचिंग केंद्र की शुरुआत इसका एक उदाहरण है।
हर जिले में आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रदेश में उपलब्ध ज्ञान के संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं तक किताबों और ज्ञान की आसान पहुंच जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक पुस्तकालय तंत्र में जिला पुस्तकालयों के साथ ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी उपलब्ध है। सरकारी पुस्तकालय पोर्टल पर अलग-अलग विषयों की पुस्तकों और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच की व्यवस्था दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया।
‘किताबों को अपना मित्र बनाएं’
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से किताबों को अपना मित्र बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को लगातार सवाल पूछने चाहिए, नए विचारों को समझना चाहिए और अपनी जिज्ञासा को जीवित रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री के संदेश का केंद्र यही रहा कि पढ़ने की आदत केवल परीक्षा या नौकरी तक सीमित नहीं है। किताबें सोचने का नजरिया विकसित करने और नए विचारों को समझने का माध्यम भी बन सकती हैं।
भगत सिंह की जयंती पर लिखी गई ‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके बलिदान के साथ उनके अध्ययनशील व्यक्तित्व को भी युवाओं के सामने रखा। संदेश में युवाओं से ज्ञान हासिल करने, कौशल विकसित करने, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने और अपने संकल्प को कर्म में बदलने की अपील की गई।





