मंदीप भंडारी बने CBSE के नए अध्यक्ष, OSM विवाद के बीच चार महीने में तीसरा नेतृत्व बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE को नया अध्यक्ष मिल गया है। केंद्र सरकार ने 25 सितंबर 2026 को 2001 बैच के IAS अधिकारी डॉ. मंदीप के. भंडारी को CBSE का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब बोर्ड की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM व्यवस्था को लेकर विवाद और जांच का दौर जारी है।
कौन हैं डॉ. मंदीप के. भंडारी?
मंदीप के. भंडारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं और AGMUT कैडर से आते हैं। CBSE की जिम्मेदारी मिलने से पहले वह जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके प्रशासनिक करियर में जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, भंडारी मेडिकल बैकग्राउंड से आते हैं और उनके पास MBBS की डिग्री है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने के बाद जम्मू-कश्मीर में डिप्टी कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ पदों पर काम किया।
जम्मू-कश्मीर से केंद्र तक संभाली कई जिम्मेदारियां
मंदीप भंडारी ने अपने करियर में प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर काम किया है। वह लेह और जम्मू के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं। इसके अलावा जम्मू के डिविजनल कमिश्नर और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से जुड़े वरिष्ठ पदों पर भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली।
केंद्र सरकार में भी उनका अनुभव रहा है। वह तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के निजी सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली।
CBSE अध्यक्ष का पद अस्थायी रूप से अपग्रेड
सरकारी आदेश के मुताबिक, मंदीप भंडारी की नियुक्ति शिक्षा मंत्रालय के अधीन CBSE चेयरपर्सन के पद पर हुई है। उनके कार्यकाल के लिए इस पद को अस्थायी तौर पर भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव के रैंक और वेतनमान के बराबर अपग्रेड किया गया है। नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति यानी ACC ने मंजूरी दी।
उनकी नियुक्ति के साथ लोखंडे प्रशांत सीताराम का CBSE अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा। सीताराम को जून 2026 में CBSE चेयरपर्सन बनाया गया था और बाद में उन्हें अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
OSM विवाद के बाद CBSE में लगातार बदलाव
CBSE में नेतृत्व बदलाव की पृष्ठभूमि में 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में लागू ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM से जुड़ी शिकायतें महत्वपूर्ण हैं। इस व्यवस्था में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन के लिए उपलब्ध कराया गया था।
OSM को लेकर छात्रों की ओर से पोर्टल में तकनीकी समस्याओं, उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी उपलब्ध कराने और भुगतान प्रक्रिया जैसी शिकायतें सामने आई थीं। कुछ मामलों में स्कैन की गई कॉपियों में पेज गायब या अस्पष्ट होने की शिकायतें भी रिपोर्ट हुईं।
राहुल सिंह के बाद बदली व्यवस्था
OSM विवाद के बीच जून 2026 में तत्कालीन CBSE अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से हटाया गया था। सरकार ने OSM से जुड़ी सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति भी गठित की थी। इसके बाद लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया।
अब मंदीप भंडारी की नियुक्ति के साथ चार महीने के भीतर CBSE के नेतृत्व में तीसरा बदलाव हुआ है। ऐसे में उनकी नई जिम्मेदारी में OSM से जुड़े मुद्दों, परीक्षा व्यवस्था और बोर्ड के प्रशासनिक कामकाज पर भी नजर रहेगी। यह कहना कि नियुक्ति स्वयं किसी जांच के निष्कर्ष को साबित करती है, उचित नहीं होगा; OSM से जुड़े मामलों की जांच और प्रशासनिक फैसले अलग प्रक्रियाएं हैं।
2027 बोर्ड परीक्षा की डेटशीट का क्या हुआ?
CBSE की 2027 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट अभी जारी नहीं हुई है। डेटशीट जारी होने के बाद छात्र इसे CBSE की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।
छात्रों को सलाह है कि परीक्षा की तारीखों से जुड़ी जानकारी के लिए केवल CBSE के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें। नई अध्यक्ष नियुक्ति के बाद आने वाले समय में बोर्ड की परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर भी नजर रहेगी।





