ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का बड़ा हमला, वेणुगोपाल बोले- ‘जाना समय की बात’, SIR पर भी उठाए सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। 25 सितंबर को कांग्रेस ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन कर CEC के इस्तीफे और हटाने की मांग की। इसी दौरान कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार का जाना “समय की बात” है और पार्टी के प्रदर्शन अभी शुरुआत हैं।
देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली समेत कई राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव कार्यालयों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों की ओर मार्च करने की कोशिश की। कई जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और कुछ स्थानों पर हिरासत में भी लिया गया।
कांग्रेस का कहना है कि वह विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है।
वेणुगोपाल बोले- ‘यह सिर्फ शुरुआत है’
प्रदर्शनों के बीच के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि ज्ञानेश कुमार का जाना “समय की बात” है और कांग्रेस इसे करके दिखाएगी। उन्होंने देशभर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से हुए प्रदर्शनों को अभी शुरुआत बताया।
वेणुगोपाल ने लोगों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे आने तथा सरकार पर जवाबदेही के लिए दबाव बनाने की अपील भी की। ये कांग्रेस नेता और पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें पार्टी अपने आंदोलन के आधार के रूप में पेश कर रही है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस का यह अभियान उस रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ जिसमें चुनाव आयोग के दो आयुक्तों द्वारा SIR से जुड़े फैसलों पर 10 महीने में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। चुनाव आयोग ने कहा है कि संबंधित नोट्स मौजूद थे, लेकिन अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
‘Mark VIP’ फीचर को लेकर भी विवाद
कांग्रेस ने BLO ऐप में कथित “Mark VIP” फीचर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि इस सुविधा से कुछ मतदाताओं को अलग श्रेणी में चिन्हित किया जा सकता है और इससे मतदाताओं की समानता को लेकर सवाल पैदा होते हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर BLO App को बूथ लेवल अधिकारियों के लिए इस्तेमाल होने वाला आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन बताया गया है। आयोग के पुराने दस्तावेजों में भी सामाजिक रूप से प्रमुख मतदाताओं की पहचान दर्ज करने संबंधी प्रावधान का उल्लेख मिलता है। इसलिए मौजूदा “Mark VIP” फीचर और पुराने प्रावधानों को एक ही चीज मानने से पहले दोनों की वास्तविक कार्यप्रणाली और आधिकारिक नियमों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
पवन खेड़ा ने भी उठाया सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा बयान दिया। कांग्रेस की ओर से उन्हें इस्तीफा देने और बाद की कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हालांकि, कांग्रेस के आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन्हें चुनाव आयोग की ओर से स्थापित तथ्य या किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
आगे और बड़े प्रदर्शन की तैयारी
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि CEC के खिलाफ उसका अभियान आगे भी जारी रहेगा। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पार्टी ने सोमवार को सभी राज्यों में जिला स्तर पर प्रदर्शन की योजना बनाई है और मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होनी है।
इस बीच चुनाव आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रिया और SIR से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक आरोपों, आयोग के जवाब और अदालतों में चल रही संबंधित कार्यवाहियों पर नजर महत्वपूर्ण होगी





