बहुरी बांध में भ्रष्टाचार की सड़क! रात के अंधेरे में हो रहा निर्माण, ग्रामीण ने वीडियो जारी कर खोली पोल

रीवा | रीवा जिले के बहुरी बांध क्षेत्र में मां कालिका धाम तक बनाई जा रही ग्रामीण सड़क अब भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिरती नजर आ रही है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब एक स्थानीय युवक ने मौके से वीडियो जारी कर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति उजागर करने का दावा किया है जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सड़क के किनारों पर सही तरीके से भराई नहीं की गई है और निर्माण सामग्री भी मानकों के अनुरूप नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि सड़क की ढलाई में रेत की मात्रा अधिक और सीमेंट बेहद कम डाली जा रही है जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी रात के अंधेरे में काम कर रही है ताकि कोई गुणवत्ता की जांच न कर सके। दिन में जहां निर्माण स्थल लगभग सूना दिखाई देता है वहीं देर रात मशीनों और मजदूरों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल घटिया निर्माण छिपाने और सरकारी पैसों की बचत कर बड़ा मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है।
वीडियो में युवक सड़क पर खड़े होकर यह बताते हुए नजर आ रहा है कि निर्माण कार्य में मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की मोटाई कई जगह कम है और किनारों पर पर्याप्त सुरक्षा व मजबूती भी नहीं दी गई। सड़क के दोनों ओर डाली गई गिट्टी भी बिखरी हुई दिखाई दे रही है जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कार्य जल्दबाजी में पूरा किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मां कालिका धाम तक पहुंचने वाला यह मार्ग धार्मिक और ग्रामीण दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण इस रास्ते का उपयोग करते हैं। यदि निर्माण में इसी तरह लापरवाही बरती गई तो आने वाले समय में सड़क टूटने और हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल फाइलों और कागजों में सड़क को मजबूत बता रहे हैं, जबकि जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। आरोप यह भी है कि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने के बजाय कार्यालयों में बैठकर केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं, जिसका फायदा निर्माण एजेंसी खुलेआम उठा रही है।
लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण सामग्री के सैंपल लैब में भेजे जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो करोड़ों रुपये की यह सड़क पहली ही बरसात में जवाब दे सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि बहुरी बांध में बन रही इस सड़क के निर्माण में उठ रहे गंभीर आरोपों पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा।





